आंवला। रेलवे स्टेशन के पास स्थित बीपीसीएल के टैंकर चालकों की मंगलवार को छह घंटे चली हड़ताल का असर पहाड़ी इलाके के कई जिलों में देखने को मिला। वहां ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि देहरादून हेडक्वाटर से मिले आश्वासन के बाद मंगलवार दोपहर 3:00 बजे हड़ताल समाप्त हो गई। पेट्रोलियम टैंकर्स ड्राइवर्स एवं कंडेक्टर्स यूनियन प्रदेश महासचिव गजेंद्र सिंह ने बताया कि ईरान युद्ध के बाद से पंपों पर ईंधन की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे में टैंकर चालकों को डिपो से डिलीवरी लेकर पहाड़ी इलाकों काठगोदाम, रानीखेत, नैनीताल, कुमांऊ मंडल, बागेश्वर आदि इलाकों में उसी दिन पहुंचानी पड़ती थी। चालकों को एक ही दिन में दोगुनी दूरी तय करनी पड़ रही थी। इसके अलावा टैंकरो में जीपीएस प्रणाली के तहत कंपनी के रूल्स एंड रेग्युलेशन का भी पालन करना पड़ता था। पिछले दिनों दातागंज में एचपीसीएल डिपो के कांड से सुरक्षा नियमों में सख्ती होने से अब डिपो 5:00 बजे बंद हो जाता है। टैंकरों को सप्लाई नहीं मिल पाती है। इससे चालक-परिचालक परेशान थे। उनमें रोष था क्योंकि उनको लगातार टैंकर चलाना पड़ रहा था। आराम करने का समय नहीं मिलता था। इन सभी मुद्दो को उठाते हुए मंगलवार को 100 से ज्यादा चालक व परिचालक हड़ताल पर बैठ गए। देहरादून स्थित मुख्यालय में तैनात प्रादेशिक प्रबंधक योगेश लोले ने पहले जैसी व्यवस्था के अनुसार कार्य करने का आश्वासन दिया तब हड़ताल समाप्त की गई।