आंवला। भाकियू के नेतृत्व में इफको प्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे किसानों की सोमवार को इफको के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। किसानों ने एसडीएम आंवला पर भी इफको का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने 15 फरवरी को महापंचायत का एलान किया है।
280 भूदाता किसानों को रोजगार देने की मांग लेकर करीब दो साल पहले 13 महीने तक किसानों ने प्रदर्शन किया था। किसानों का कहना है कि इफको ने तीन महीने में सभी 280 भूदाता किसानों को रोजगार देने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। इस समझौते का पालन नहीं किया गया।
जिन चुनिंदा भूदाता किसानों को काम मिला भी है, उनकी शैक्षिक योग्यता को दरकिनार कर मजदूरी कराई जा रही है। किसान नेता शिशुपाल सिंह ने बताया कि सोमवार को एसडीएम ने वार्ता के लिए बुलाया था, मगर किसानों की बात सुनने की जगह वह इफको की ही पैरवी करने लगे। इसके बाद हम लोग बाहर चले गए। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को किसान महापंचायत करेंगे। आंदोलन को तेज किया जाएगा।
वहीं, एसडीएम गोविंद मौर्य ने बताया कि वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में चल रही थी। इफको के अनुसार 40 लोगों की पहली सूची में से 34 लोगों को काम मिल चुका है। जिन 60 अन्य लोगों को काम पर रखा जाना है उनकी सूची भी पेश की। कुछ किसान भड़ककर वार्ता से चले गए।
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वादाखिलाफी का आरोप गलत है। जैसे-जैसे रोजगार सृजन हो रहा है वैसे-वैसे भूदाता किसानों को काम दिया जा रहा है। जल्द से जल्द सभी को नौकरी देने का प्रयास है। - विनीत शुक्ला, जनसंपर्क अधिकारी इफको