अब किया जा रहा फीडरों का ऑडिट
शहर में सर्वे के बाद अब फीडरों का ऑडिट किया जा रहा है। पहले उन फीडरों को चुना गया है जहां ज्यादा बिजली चोरी होती है। ऑडिट के जरिये पता लगाया जाएगा कि किस फीडर पर कितनी बिजली आपूर्ति की जा रही है और उसके अनुपात में कितनी बिलिंग हो रही है। शहर के चारों वितरण खंडों के 26 उपकेंद्रों के 52 फीडरों पर ऑडिट का काम चल रहा है। पहले इन्हीं फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
जितने रुपये का रिचार्ज उतनी खर्च कर सकेंगे बिजली
प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना होगा। मीटर से भी किसी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं होगी। उपभोक्ता जितना रिचार्ज कराएंगे उतनी कीमत की ही बिजली खर्च कर सकेंगे। रिचार्ज खत्म होने से पहले उपभोक्ता को मोबाइल पर मेसेज भी मिलेगा। इससे बिजली चोरी रुकेगी। इसके साथ ही विद्युत निगम का वसूली का झंझट भी खत्म होगा।
मुख्य अभियंता रणविजय सिंह ने बताया कि जिले के शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। शहर में सर्वे लगभग पूरा हो गया है। ज्यादा लाइन लॉस वाले फीडरों का ऑडिट किया जा रहा है। मीटर लगाने का काम इंटेली स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया है। दिवाली से पहले शहर में मीटर बदलने का काम शुरू हो जाएगा।