गले में फंदा डाल धरने पर बैठे किसान
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लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ की सहकारी गन्ना विकास समिति में गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के लोगों ने गले में फंदा डालकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले हाड़ कंपाती ठंड में संगठन के पदाधिकारी और किसान एक सप्ताह से बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरने पर हैं लेकिन अभी तक मांग को लेकर, शासन प्रशासन या बजाज चीनी मिल प्रबंधन ने सुध नहीं ली है।
रविवार को किसानों ने गले में फंदा डालकर प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित ने कहा कि गन्ना भुगतान न होने से किसान कर्ज के दलदल में दबकर भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। घरों में पैसों के अभाव के कारण घरेलू हिंसा होने की संभावना बनी रहती है। प्रदेश सरकार ने किसानों की दुर्दशा का संज्ञान लेना तो दूर गन्ना मूल्य तक घोषित नहीं किया है।
भुगतान न होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने कहा कि हाड़ कंपाने वाली सर्दी में हम लोग धरने पर बैठे हैं, लेकिन हमारी मांगों पर सुनवाई नहीं कर रहा। इसलिए गले में फंदा डालकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि किसानों के गन्ने की लूट हो रही है। 350 रुपये प्रति कुंतल उधार गन्ना खरीदकर शुगर मिलें 1200 रुपये कमाती हैं। इसके बावजूद किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी से पहले बजाज फैक्टरी गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कर दें, अन्यथा बड़े स्तर आंदोलन किया जाएगा।
अंजनी दीक्षित ने कहा कि किसान महंगाई को देखते हुए गन्ना की कीमत 450 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग रहे हैं। मंगलवार को गन्ना विकास समिति आंदोलन स्थल पर भगवान राम से रामचरितमानस का पूरा पाठ करके प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अगर रामराज्य की कल्पना करती है तो मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आदर्शों पर चलना चाहिए। प्रदर्शन में अमनदीप सिंह संधू, बलकार सिंह, गुरप्रीत सिंह ढिल्लो, बाल गोविंद वर्मा, केदारनाथ, धर्मेंद्र सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य खूबचंद गौतम, दुलीचंद वर्मा, गंगा प्रसाद शुक्ल, अनिल कुमार अवस्थी, शंकरलाल, सुरेश वर्मा आदि मौजूद रहे।