बरेली। मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चल रहे इलाज का ब्योरा छिपाया जा रहा है। बरेली समेत चारों जिलों के 833 स्वास्थ्य उपकेंद्रों (आरोग्य मंदिर) पर हो रही मरीजों की जांच व इलाज की रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी जा रही। शासन ने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारियों को सभी संचालित केंद्रों की पूरी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए शासन ने प्रत्येक जिले में सामुदायिक, नगरीय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए हैं। इन केंद्रों पर प्रतिमाह पहुंचने वाले मरीजों की संख्या, कौन सी जांचें हुईं और किन बीमारियों से ग्रसित कितने मरीज रहे, उन्हें क्या इलाज मिला? इसकी जानकारी शासन को उपलब्ध करानी होती है।
इसी रिपोर्ट से शासन को जिलों में किसी बीमारी के प्रसार, मरीजों की बढ़ती संख्या, दवा खपत आदि की जानकारी मिलती है। साथ ही, स्वास्थ्य संबंधी कार्ययोजना बनाने में भी रिपोर्ट कारगर है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की अनदेखी कहें या कोई और वजह, शासन को बरेली मंडल के चारों जिलों के 833 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की रिपोर्ट नहीं भेजी गई। इससे कम्युनिटी हेल्थ अफसरों की कार्यशैली और विभागीय मुस्तैदी पर प्रश्नचिन्ह भी लग रहा है।
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बरेली से सिर्फ 181 ने दी जानकारी
शासन से जारी जिलेवार रिपोर्ट के अनुसार बरेली में 484 आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से 181 ने ही मरीजों की जांच और इलाज की स्थिति की रिपोर्ट भेजी है। बाकी 303 ने रिपोर्ट साझा नहीं की। यही नहीं स्थिति यह है कि जिले में 484 आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अब तक 364 केंद्र ही संचालित हुए हैं। अन्य केंद्रों पर सीएचओ और स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है।
शासन को रिपोर्ट न भेजने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बदायूं के 320 में 170, शाहजहांपुर के 310 में 201, पीलीभीत के 208 में 159 केंद्र शामिल हैं। अब शासन द्वारा ब्योरा न भेजने वाले केंद्रों की सूची जारी होने के बाद संबंधित जिलों के स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची है। सीएचओ से रिपोर्ट न भेजने की वजह को लेकर पूछताछ शुरू हो गई है। साथ ही, उन्हें भविष्य में समय से रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है।
हमारे यहां 364 आरोग्य मंदिर सक्रिय हैं। 16 सीएचओ मैटरनिटी लीव के चलते तो कुछ अन्य वजहों से अवकाश पर हैं। लिहाजा, इन केंद्रों से रिपोर्ट नहीं भेजी गई होगी। बाकी जो सौ से ज्यादा केंद्र रिपोर्ट नहीं भेज रहे, उन सभी से पूछताछ की जाएगी। सभी केंद्रों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, यह हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ