सीबीगंज। खुसरो पीजी कॉलेज के कई विद्यार्थी डी फार्मा करके फंस गए हैं। चार साल मेहनत के बाद उनको डिग्री के अवैध होने का पता चला है। मंगलवार को विद्यार्थियों ने कॉलेज के गेट पर हंगामा करके कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाए। एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने इंस्पेक्टर सीबीगंज को तलब करके तत्काल जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए।
छात्र शनि मौर्य, अजय सिंह, सुमित, महेश राठौर, हसनैन, सलामत खान, राजेंद्र शर्मा, आजम, मुकीम, मिजराव व अशरफ आदि ने आरोप लगाया कि खुसरो कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी व उनके बेटे फिरोज अली जाफरी, तारिक, जाकिर आदि ने डी फार्मा का कोर्स कराने के नाम पर वर्ष 2019 से 2024 तक 400 छात्रों से प्रति छात्र 2.30 लाख रुपये की फीस वसूल की। इसकी रसीद भी छात्रों के पास है। फीस स्कूल के खाते में जमा हुई है। काॅलेज प्रबंधन ने छात्रों को डी फार्मा की मार्कशीट दी। छात्रों ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस, नौकरी आदि में मार्कशीट का प्रयोग किया तो वह जांच में फर्जी पाई गई।
इंस्पेक्टर ने थाने से भगाया
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के एमडी ने शिक्षिकाओं को आगे कर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर उनको कॉलेज से बाहर करा दिया। इसके बाद छात्र सीबीगंज थाने पहुंचे तो इंस्पेक्टर राजबली ने भी उन्हें थाने से भगा दिया। छात्रों का आरोप है कि सीबीगंज इंस्पेक्टर व कॉलेज के एमडी ने सांठगांठ कर संबंधित विवि के डॉ. विजय शर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि रुपये लेने के लिए दोषी कॉलेज प्रबंधन है।
एसएसपी को बताई कारस्तानी तो लगाई फटकार
एसएसपी दफ्तर पहुंचकर छात्रों ने एसएसपी अनुराग आर्य को प्रकरण से अवगत कराया। एसएसपी ने वहीं से इंस्पेक्टर राजबली को फटकार लगाई और तुरंत उन्हें ऑफिस बुला लिया। उन्होंने कहा कि ये छात्र यहां क्यों आए हैं? उनकी समस्या का समाधान थाने पर क्यों नहीं हुआ? एसएसपी ने कहा कि छात्रों की ओर से रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की जा रही है तो इंस्पेक्टर ने कहा कि जांच चल रही है। जांच के बाद हम रिपोर्ट दर्ज कर लेंगे। एसएसपी ने शाम आठ बजे तक पूरी जांच रिपोर्ट उनके समक्ष पेश करने के लिए कहा। एसएसपी की फटकार के बाद इंस्पेक्टर पुलिस टीम के साथ कॉलेज पहुंच गए।
इंस्पेक्टर ने दी सफाई
इंस्पेक्टर सीबीगंज राजबली ने सफाई दी कि वह कॉलेज गए थे। जांच चल रही है। कुछ प्रमाणपत्र कॉलेज ने उपलब्ध कराए हैं। कुल 391 छात्र-छात्राएं हैं। इनमें से कुछ ने पूरी फीस जमा न कर बीच में ही कोर्स छोड़ दिया था। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद