बरेली। जिले के कंपोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों में भाषा और गणितीय कौशल की परख की जा रही है। शिक्षक 17 बिंदुओं पर परीक्षण कर उनकी कमियों को दूर करेंगे। 17 बिंदुओं की निपुण तालिका बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी की गई है। जिले के कई स्कूलों में इस पर काम शुरू हो चुका है।
यह कार्ययोजना विशेषकर उन विद्यार्थियों के लिए है, जो किसी कारणवश लगातार कई दिनों तक पठन-पाठन से दूर रहे। इस दौरान उनमें जो कमियां आईं, उनका पता लगाकर उनके लिए 50 दिनों की उपचारात्मक कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इन कक्षाओं के जरिये कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निपुण बनाया जाएगा।
बीएसए विनय कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं आते हैं। अभिभावक भी उन पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। ऐसे में लर्निंग गैप की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे बच्चों को निपुण बनाने के लिए यह प्रयास किया गया है। कई शिक्षक इस दिशा में अच्छा प्रयास कर रहे हैं।