एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि पत्र में थाने का समस्त स्टाफ लिखा है। किसी व्यक्ति का नाम नहीं है। चार दिन पहले भी एक पत्र प्राप्त हुआ था। इसे अनूप सिंह के नाम से दिया गया था। उसका भी पता नहीं चल सका है। अब तक की जांच से लगता है कि पत्र के जरिये इंस्पेक्टर की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। पुलिस सीसीटीवी व अन्य माध्यम से पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पत्र किसने वायरल किया है। इस प्रकरण की आगे भी जांच कराई जा रही है।