बरेली। बरेली बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव की वकालत पर लगाई गई रोक को बार काउंसिल ऑफ यूपी ने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। 22 अगस्त को उनकी वकालत पर रोक लगाई गई थी।
पिछले साल हापुड़ में आंदोलन के दौरान वकीलों और पुलिस में झड़प हो गई थी। अरविंद श्रीवास्तव उस समय बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। वह आंदोलन में शामिल होने के लिए साथियों सहित दो बसों से हापुड़ पहुंचे थे। आंदोलन में बार काउंसिल ऑफ यूपी का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अब अगर वह वोट मांगने आएं तो उनको सबक सिखाना है।
इसको लेकर कुछ अधिवक्ताओं ने उनकी शिकायत की। बार काउंसिल यूपी ने इसके बाद कार्रवाई करते हुए उनको डिबार कर दिया। पूर्व बार अध्यक्ष को सात सितंबर को इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने उनका पक्ष जाने बिना रोक को एकतरफा कार्रवाई बताते हुए प्रत्यावेदन करते हुए रोक हटाने की मांग की।
22 सितंबर को बार काउंसिल ऑफ यूपी बेंच के समक्ष उन्होंने अपना पक्ष रखा। उनका पक्ष सुनने के बाद बार काउंसिल ने वकालत पर रोक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही शिकायत करने वाले पांच अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किया है।