बरेली। हजरत इमाम हुसैन की याद में यौम-ए-आशुरा के तीसरे दिन सोयम मनाया गया। इसमें घरों, मोहल्लों से लेकर कर्बला तक नियाज-नजर का सिलसिला चलता रहा।
सोमवार को सुबह से ही तमाम घरों में नियाज-नजर शुरू हो गई थी। लोगों ने मोहल्लों में सबील और लंगर लगाया। बाकरगंज कर्बला पर दिनभर अकीदतमंदों का जमावड़ा व मेला लगा रहा। लोगों ने यहां शीरीनी का वितरण भी किया। शाम को कर्बला कमेटी की ओर से इमामबाड़े में नजर पेश की गई। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने फातेहा पढ़ी और लंगर तकसीम किया गया। इस दौरान सदर खलील अहमद, महासचिव डॉ. सरताज हुसैन, सचिव सैयद हुसैन, साजिद अब्बासी आदि मौजूद रहे।
शिया इमाबाड़ों में मजलिस व मातम
बरेली। शिया समुदाय ने हजरत इमाम हुसैन की याद में सोमय मनाया। इमामबाड़ों में मातम मजलिस का आयोजन किया गया। घरों में नियाज-नजर का सिलसिला रहा।
कंघी टोला के इमामबाड़ा अहमद हुसैन में आसिफ रिजवी उर्फ समीर की ओर से आयोजित मजलिस में इमाम-ए-जुमा मौलाना शम्सुल हसन खां ने दस्तान-ए-कर्बला बयां किया। मजलिस के बाद अंजुमन ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी और गुलदस्ता-ए-हैदरी ने नौहाख्वानी की। किला छावनी में जाफर रिजवी की ओर से मजलिस आयोजित की गई। ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी के मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि किला जामा मस्जिद के इमामबाड़ा मरहूम डॉ. हाजी यावर हुसैन में कदामा अशुरा 13 मुहर्रम मंगलवार से शुरू हो रहा है, जो 22 मुहर्रम तक चलेगा। मजलिस का समय रात 8:30 बजे से रहेगा।
अदा की गई गुस्ल की रस्म
शहीदान-ए-कर्बला के सोयम पर मलूकपुर स्थित इमामबाड़ फतेह निशान में गुस्ल की रस्म अदा की गई। जियारत के बाद नजर पेश की गई। तबर्रुक भी तकसीम किया गया। कार्यक्रम में मुतवल्ली जाफर नियाजी, मोहसिन नियाजी, फहीम वारसी, अहमद उल्लाह वारसी, नासिर हुसैन, राजू कुरैशी नियाजी, वाहिद, सरताज हुसैन आदि मौजूद रहे।