अलीगंज। धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स लिमिटेड की मीरगंज इकाई के मुख्य महाप्रबंधक आजाद सिंह व इकाई प्रमुख संजय कुमार श्रीवास्तव ने सूदनपुर गांव में किसानों के साथ बैठक की। जीएम ने गन्ना बोआई से पहले मृदा परीक्षण कराने की अपील की। कहा कि मिट्टी की जांच निशुल्क की जाएगी। बीज को उपचारित करने के बाद ही गन्ना बोआई करने की अपील की।
आजाद सिंह ने कहा कि गन्ना बोआई के समय किसान पोटाश का प्रयोग जरूर करें। जो किसान 15023 गन्ना की बोआई करेगा उसके लिए पोटाश मुफ्त मुहैया कराई जाएगी। फैक्टरी ने गन्ना किसानों के लिए 20 टन पोटाश असमौली फैक्टरी से मंगाई गई है। जरूरत पड़ने पर और भी मंगा ली जाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन में फफूंदी जनक (लाल सड़न) जैसे रोगों की रोकथाम के लिए चार किलोग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति एकड़ की दर से पांच क्विंटल सड़ी हुई गोबर की खाद में गन्ना बोआई के एक सप्ताह पहले मिलाकर छायादार जगह पर रख लें। आखिरी जोताई से पहले नमी की दशा में डालकर जोताई कर दें। उन्होंने किसानों से सिर्फ 15023, 14201 और 0118 प्रजाति के गन्ने की बोआई करने की बात कही।
यूनिट हेड संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अगर किसान शरद कालीन गन्ना की बोआई करते हैं तो 20 से 25 फीसदी पैदावार अधिक मिलती है। कीट और बीमारियों का प्रकोप भी कम रहता है। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए ट्रेंच विधि से गन्ना बोआई करें। कृषकों को चीनी मिल द्वारा प्रति हेक्टेयर 150 क्विंटल मैली 75 फीसदी अनुदान पर दी जा रही है। जिसके लिए किसान अपने फील्ड स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं।
भूमि उपचार के लिए भी ट्राइकोडर्मा हरजेनियम, बीज उपचार के लिए फफूंदीनाशक हैक्सास्टॉप 50 फीसदी तथा कीटनाशक इमीडा क्लोरोपिड दवा 35 फीसदी अनुदान पर किसानों को दी जाएगी। बैठक में बुद्धसेन यादव, सोमपाल यादव, दीपक मिश्रा, प्रताप चौधरी, हरवीर सिंह, कल्यान सिंह, डोरीलाल, जसपाल राणा समेत कई किसान मौजूद रहे।