सोमवार को सुबह आठ बजे रामसरन खेत पर गए हुए थे। घर में अकेले आयुष गौतम ने मकान के स्टोर में जाकर फंदे से लटककर जान दे दी। दोपहर तक आयुष का कोई सुराग नहीं लगने पर परिजनों को चिंता हुई। उसकी तलाश शुरू की गई। इस बीच स्टोर में उसका शव लटकता देखकर परिजनों की चीख निकल गई।
सूचना पर रोजा इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, 2019 में लखीमपुर में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत ओमकार की मैगलगंज में हत्या कर दी गई थी। उसकी जगह पर बहू अनीता ने सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली और दूसरी शादी कर ली। वह बेटी को साथ लेकर चली गई। तीन बेटों को मायके में छोड़ गई थी। आयुष अपनी मां की याद में गुमसुम रहता था। इसी वियोग में उसने फंदे से लटककर जान दे दी।
खर्च के लिए फैमिली कोर्ट में डाला था वाद
रामसरन ने बताया कि अनीता अपने बेटे आलोक, आयुष व आशीष को छोड़कर लोदीपुर स्थित किराये के मकान में रहने लगी थी। सरकारी नौकरी प्राप्त करने के बाद भी तीनों बच्चों को खर्च नहीं दे रही थी। बच्चों ने अपनी मां अनीता देवी के खिलाफ फैमिली कोर्ट में वाद दायर किया था। इसके बाद गुजारा का 27 हजार रुपये अनीता ने दिया था।
रामसरन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बच्चे अपनी मां के साथ जाने की जिद कर रहे थे, लेकिन उसने मना कर दिया। अनीता ने कचहरी में बच्चों से कहा था कि जहर खा लो या फांसी लगाकर मर जाओ, हमें कोई मतलब नहीं है। हमने दूसरी शादी कर ली। मां की बात को सुनकर आयुष उदास हो गया और गुमसुम रहने लगा था।