हाफिजगंज इलाके के गांव टांडा दयानतपुर में रहने वाले ख्यालीराम ने शुक्रवार को बाग में खड़े शीशम, गुलर और जामुन के पेड़ 80 हजार रुपये में बेचे थे। उनका छोटा बेटा छविनाथ उनसे अपने हिस्से के रुपये मांग रहा था। जब ख्यालीराम ने छविनाथ से इन रुपये से अपना कमरा ठीक कराने की बात कही तो वह बौखला गया।
नाती योगेश के मुताबिक रविवार सुबह करीब 10:30 बजे दादा ख्यालीराम ताऊ श्यामाचरण के घर में खाना खा रहे थे। तभी चाचा छविनाथ बंका लेकर अपने बेटे श्रीपाल और बृजमोहन के साथ वहां पहुंचे ताबड़तोड़ प्रहार करके उनकी हत्या कर दी। चीखपुकार सुनकर जब तक परिजन मौके पर पहुंचे तीनों भाग चुके थे और दादा ख्यालीराम का बरामदे में खून से लथपथ शव पड़ा था।
सूचना पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर बंका कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में योगेश की तहरीर पर पुलिस छविनाथ, उसके बेटों श्रीपाल और बृजमोहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। हाफिजगंज इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं।