बरेली। गर्मी की छुटि्टयों के बाद अव्यवस्था के बीच परिषदीय स्कूल खुले। अधिकतर स्कूलों में साफ-सफाई नहीं हुई थी। गंदगी के बीच बच्चों की क्लास लगी। सरकार के निर्देश के बावजूद स्कूलों की साफ-सफाई नहीं कराई गई। कुछ स्कूलों में ताला लगा रहा। विद्यार्थियों ने गेट पर बैठकर शिक्षकों का इंतजार किया। अमर उजाला की टीम ने पहले दिन स्कूलों की स्थिति की पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई।
केस- 1
सुबह 7:31 बजे
मॉडल कंपोजिट विद्यालय, किशोर बाजार में साफ-सफाई चल रही थी। विद्यार्थी स्कूल पहुुंच चुके थे। परिसर में सूखे पत्ते और अन्य गंदगी फैली हुई थी। कक्षाओं में भी साफ-सफाई नहीं कराई गई थी। गंदगी के बीच में ही बच्चे बैठ गए।
केस- 2
सुबह 7: 47 बजे
प्राथमिक विद्यालय एनई रेलवे में एकल शिक्षक आमिर अली तैनात हैं। 7:50 बजे वह स्कूल पहुंचे। ताला खोलने के बाद स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई की। इसके बाद वह कुर्सी पर जाकर बैठ गए। इस दौरान एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा था।
केस -3
सुबह 8 बजे
कंपोजिट विद्यालय बानखाना में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। स्कूल का मुख्य द्वार खुला था। प्रधानाध्यापक कक्ष समेत स्कूल की सभी कक्षाओं में ताला लगा था। विद्यार्थी बाहर बैठकर शिक्षक के आने का इंतजार कर रहे थे। दरवाजों पर भी धूल जमी थी।
केस- 4
सुबह 8:13 बजे
कंपोजिट विद्यालय चौधरी मोहल्ला द्वितीय में साफ-सफाई चल रही थी। कक्षाओं में झाड़ू लगने के दौरान बच्चे जाकर बैठ गए। बच्चों की संख्या कम थी। इसी स्कूल में प्राथमिक विद्यालय जगाती भी चल रहा है। कुछ शिक्षक भी समय से नहीं पहुंचे थे।
केस- 5
सुबह 8:32 बजे
प्राथमिक विद्यालय बांस मंडी में एकल शिक्षक हैं। छात्र संख्या भी महज 33 है। पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही। मुख्य द्वार के बाहर दोनों ओर कूड़े का ढेर था। गंदगी से भरी नालियों से बदबू आ रही थी। नाली के पास लगे नल से विद्यार्थी पानी भर रहे थे।
केस- 6
सुबह 10 बजे
प्राथमिक विद्यालय नई कोतवाली में साफ-सफाई नहीं कराई गई थी। 10 बजे के बाद झाड़ू लगनी शुरू हुई। इस बीच शिक्षिका ने सभी विद्यार्थियों को क्लास से निकालकर बाहर जमीन पर बैठा दिया। कम संख्या में विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
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सीडीओ ने भी माना घोर लापरवाही
सीडीओ जगप्रवेश ने भी सत्र के पहले दिन स्कूलों का निरीक्षण किया। कंपोजिट विद्यालय रम्पुरा में गंदगी मिली। शिक्षण की व्यवस्था भी खराब मिली। प्रधानाध्यापक मौजूद नहीं थे। बिजली कनेक्शन भी नहीं मिला। स्मार्ट क्लास भी महज औपचारिकता के लिए टंगी मिली। उन्होंने बीएसए को प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही इसे घोर लापरवाही मानते हुए बीएसए संजय सिंह से भी जवाब तलब किया है।
आज से निरीक्षण पर रहेंगे अधिकारी
मंगलवार से स्कूलों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को भी स्कूलों में साफ-सफाई और शिक्षण की व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी। मेरा विद्यालय, स्वच्छ विद्यालय मुहिम को सफल बनाने, विद्यार्थियों को साफ-सुथरी यूनिफॉर्म पहनने और रसोइयों को विशेष रूप से स्वच्छता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। - संजय सिंह, बीएसए