बरेली। सोशल मीडिया की दोस्ती किशोर-किशोरियों को परिवार से दूर कर रही है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया की दोस्ती के चलते घर छोड़कर जाने के मामले बढ़े हैं। रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने भी कई ऐसे बच्चों को रेस्क्यू किया है जो सोशल मीडिया पर दोस्ती के चक्कर में घरों से भाग आए थे। बाल कल्याण समिति के आंकड़ों के मुताबिक हर माह इस तरह के 25-30 मामले सामने आ रहे हैं।
केस- 1
सुभाषनगर की 14 साल की किशोरी स्कूल से आने के बाद रील्स बनाती रहती थी। मां किसी काम के लिए कहती तो वह चिढ़ जाती। धीरे-धीरे वह परिजनों से बदसलूकी करने लगी। स्कूल का होमवर्क करना भी बंद कर दिया। रोज स्कूल से शिकायत आने लगी तो मां ने उसे डांट दिया। गुस्से में आकर किशोरी घर में किसी को बिना बताए दोस्त के घर चली गई। काफी देर तक नहीं लौटी तो परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। तब मामला सामने आया।
केस- 2
नवाबगंज का 15 वर्षीय किशोर 10वीं में पढ़ता है। सोशल मीडिया पर अनजान युवक से दोस्ती हुई। उसने छात्र की बनाई रील्स की तारीफ की और फिल्म बनाने के लिए बिना किसी को बताए दिल्ली आने को कहा। लालच में आकर वह रविवार सुबह दोस्त के घर जाने की बात कहकर घर से निकल गया। काफी देर बाद भी नहीं लौटा तो अभिभावकों ने फोन किया। तब उसने दिल्ली जाने की बात बताई। परिजन पुलिस की सहायता से उसे वापस ले आए।
केस- 3
राजेंद्रनगर की किशोरी ने रील्स बनाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोस्त को मिलने वाले लाइक से अपनी स्टोरी पर मिलने वाले लाइक्स की तुलना करने लगी। दोस्त की स्टोरी पर लाइक ज्यादा होने से वह कुंठित रहने लगी। लाइक और व्यू बढ़ाने के लिए अनजान लोगों को अपनी प्रोफाइल से जोड़ लिया। दोस्त के जैसा दिखने के लिए तरह-तरह के प्रयोग शुरू कर दिए। वक्त के साथ परिजनों को चिंता सताई तो मनोचिकित्सक से सलाह लेने पर वजह पता चली।
केस-4 इंस्टाग्राम पर खुद से 11 साल बड़े युवक से दोस्ती के चलते किशोरी ने घर से जाने का फैसला कर लिया। मिलने पर युवक ने अपने दोस्तों के साथ रील्स बनाए और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिए। घर पर परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मना किया। इस पर छात्रा ने दोस्त के साथ ही रहने का फैसला कर लिया। वह बिना बताए घर से निकल गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामला सीडब्लयूसी तक पहुंचा। काफी समझाने पर वह घर जाने को तैयार हुई।
पिछले कई दिनों ने सीडब्ल्यूसी में इस तरह के मामले बढ़े हैं। किशोरों में सोशल मीडिया का प्रयोग काफी बढ़ा है। रील्स बनाने की आदत विकसित हो रही है। इसके लती बच्चों में लाइक और व्यू की संख्या बढ़ाने का जुनून हावी होने लगा है। इसके चक्कर में बच्चे अनजान लोगों को फ्रेंड लिस्ट में शामिल कर रहे हैं, जो भविष्य में उनके लिए घातक हो सकता है। - डॉ. राखी चौहान, सदस्य सीडब्ल्यूसी
सोशल मीडिया के अधिक उपयोग के नुकसान
1- नींद न आना
2- भूख न लगना
3- लत लग जाना
4- दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव
5- तनाव बढ़ाना