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Bareilly: 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने वाला जाकिर गिरफ्तार, बोला था- अब सीएम भी कुछ नहीं कर सकते

Sun, 23 Jun 2024 11:35 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी जाकिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जाकिर स्मैक तस्कर उस्मान का दामाद है। 
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आरोपी जाकिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में कैंट थाना पुलिस ने स्मैक तस्कर उस्मान के दामाद जाकिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वह मोहनपुर गांव का प्रधान है। विगत दिनों वह एक बड़े नेता की सरपरस्ती में भाजपा में शामिल हुआ था। 

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कुछ दिन पहले चौधरी मोहल्ला के अंकिश त्रिपाठी ने कैंट थाने में रिपोर्ट कराई थी कि तस्कर का दामाद, मोहनपुर नकटिया का ग्राम प्रधान जाकिर, वाजिद, आसिफ और 50 अज्ञात लोगों को लेकर उनके प्लॉट पर आ गया था। काम कर रहे मजदूरों पर तलवार व डंडों से हमला कर दिया था। 

जाकिर ने कहा था- अब सीएम भी कुछ नहीं कर सकते 
प्लॉट पर मौजूद महिलाओं से छेड़खानी की गई थी। जाकिर ने धमकी देते हुए कहा था कि देश में समाजवादी पार्टी का जलवा है और सीएम भी कुछ नहीं कर सकते। थाने में महीना देने की बात कहते हुए 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। दो लाख रुपये अंकिश से ले भी लिए थे। आईजी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया था। 

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शनिवार को सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव फोर्स लेकर मोहनपुर गांव पहुंचे और वहां से जाकिर को गिरफ्तार कर लिया। कैंट थाना प्रभारी जगनारायण पांडेय ने बताया कि जाकिर को जेल भेज दिया गया है। 

जाकिर को लेकर पुलिस जब कोर्ट से निकली तो वहां कुछ मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। बताते हैं कि एक पोर्टल कर्मी ने जब जाकिर का वीडियो बनाते हुए उससे कुछ सवाल पूछे तो जाकिर के साथ चल रहे लोगों ने उस पर हमला कर दिया। इससे उसे चोट आ गई। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद टल गया।
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भाजपा की ली सदस्यता, सपा के लिए डलवाए वोट 
लोकसभा चुनाव से पहले जाकिर ने भाजपा के दिग्गज नेता मुख्तार अब्बास नकवी का कार्यक्रम कराया था। इसी में उसने भाजपा की सदस्यता ली थी। बाद में आंवला लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप के पक्ष में प्रचार करने लगा। हालांकि, उसके गांव व आसपास के इलाके में वोट सपा के ही ज्यादा पड़े। 

बताया जा रहा है कि खुद को भाजपा से जुड़ा बताकर जाकिर कुछ अनैतिक कार्यों में भी लग गया था। पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने भी उससे दूरी बना ली थी। 
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