बरेली। इस्लामिया कॉलेज के पास शहनाई बरातघर में हुए सफाई नायक राजीव उर्फ राजू हत्याकांड में अदालत ने छह लोगों को दोषी करार दिया। सजा पर तीन नवंबर को फैसला सुनाया जाएगा। शादी समारोह के दौरान हुए इस बहुचर्चित हत्याकांड के दौरान हत्यारोपियों ने दहशत फैलाने के लिए ताबड़तोड़ ढंग से 50 से ज्यादा गोलियां चलाई थीं। कई और गोलियों की जद में आकर घायल हो गए थे।
छह साल पहले 22 अप्रैल 2016 को हुए इस वारदात में मारे गए सफाई नायक राजीव का आरोपियों के साथ नगर निगम के किला गैराज में तैनाती का विवाद सुर्खियों में आया था। राजीव के भाई राजकिरन ने कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई थी कि राजीव उर्फ राजू की नियुक्ति का नगर निगम में ही तैनात संजीव और हरीओम विरोध कर रहे थे। राजकिरन के मुताबिक संजीव, अंशु आदि ने 10 सितंबर 2014 को भी उसके साथ मारपीट की थी। इसकी रिपोर्ट कोतवाली में लिखाने के बाद रंजिश और बढ़ गई थी।
एफआईआर के मुताबिक 22 अप्रैल 2016 को शहनाई बरातघर में राजकिरन के मौसा दिनेश की भतीजी के शादी समारोह में रात करीब साढे दस बजे संजीव, रंजीत, हरिओम, मनोज, कपिल और अंशु आर्य ने असलहे लेकर उन्हें उस वक्त घेरा जब वह और राजीव खाना खाकर निकल रहे थे। हरिओम ने राजीव पर पहली गोली चलाई। गोली लगने के बाद राजीव पंडाल से भागा तो मनोज, कपिल, अंशु आर्य और रंजीत ने उसे गिरा दिया। चारों ने उसके हाथ-पैर दबा लिए। इसके बाद संजीव ने उसे एक और गोली मारी।
राजीव को बचाने की कोशिश पर मनोज और कपिल ने उन पर और उनके पिता पर भी गोली चलाई लेकिन वे बच गए। ताबड़तोड़ फायरिंग में बरातघर में मौजूद कई और लोग जख्मी हुए और भगदड़ मच गई। राजीव को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने नामजद किए गए सभी छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। हाईकोर्ट ने इस केस को तीन महीने में तय करने का आदेश दिया था।12 गवाहों की गवाही के बाद एडीजे श्री कृष्ण चंद्र ने संजीव, रंजीत, हरिओम, मनोज, कपिल और अंशु आर्य को दोषी करार दिया।