बरेली/बदायूं। छात्र शिवांशु गौतम की हत्या के मामले में त्रिकोणीय प्रेम संबंधों की कहानी सामने आ रही है। पुलिस को छात्रा ने बयान दिया है कि शिवांशु उसके पहले प्यार के बीच में आ रहा था, इसलिए उसकी हत्या की गई।
हत्यारोपी शनि शिवांशु गौतम का गहरा दोस्त था। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। पढ़ाई के अलावा वह एक निजी कंपनी में साथ काम करते थे। शनि को जैसे ही पता चला कि शिवांशु की नजदीकी उसकी प्रेमिका तनु से बढ़ गई है तो दोनों के बीच में खटास पैदा होती चली गई। नौबत यहां तक आ गई कि उसने तनु के साथ मिलकर शिवांशु की हत्या कर दी। शिवांशु के भाई अभिषेक ने बताया कि शनि उनके घर पर तीन-चार बार आया था। उससे मुलाकात भी हुई थी, लेकिन कभी यह अहसास नहीं हुआ कि शनि, शिवांशु की हत्या कर देगा। उसे यह पता था कि तनु और शनि का प्रेम प्रसंग है। उनके बीच शिवांशु कब आ गया? इसकी जानकारी नहीं थी। उन्हें तो पुलिस से पता चला कि शिवांशु की बात प्रेमिका तनु से भी हो रही थी।
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बेरहमी से मारा, अर्धनग्न हालत में रस्सी से बंधा मिला शव
बरेली। तनु ने गाड़ी में बैठकर इशारा किया तो पुलिस ने झाड़ियों से वह प्लास्टिक का कट्टा निकलवाया जिसमें शिवांशु का शव फेंका गया था। कट्टे को खोलने पर एक और कट्टा निकला। दो कट्टों के अंदर रस्सियों से बंधा मुड़ा तुड़ा शिवांशु का शव मिला। शव के सिर का बांयी ओर का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा था, जैसे कोई वजनदार चीज सिर में मारी गई हो। गला दबाकर हत्या की बात तो खुद तनु ने कबूल कर ली। शव पर केवल अंडरवियर ही था। लग रहा था कि जैसे आपत्तिजनक हालत में देखकर उस पर हमला किया गया हो। उसके हाथ-पैर जिस तरह से मुड़ रहे थे, लग रहा था कि कट्टे में पैक करने के लिए हाथ-पैरों को तोड़ा गया हो। हालांकि हत्या का तरीका सोमवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही पता लगेगा। बताते हैं कि शिवांशु का मोबाइल भी तनु के पास से बरामद कर लिया गया है।
दोस्त ने किया इन्कार, मेरा नहीं था जन्मदिन
शिवांशु घर पर अपने दोस्त गुरुपुरी विनायक निवासी रमन के जन्मदिन की पार्टी में जाने की बात कहकर निकला था। वह जब दूसरे दिन घर नहीं आया तो परिवारवालों ने रमन से संपर्क किया। रमन ने बताया कि न ही उसका जन्मदिन था और न ही शिवांशु उसके घर आया। तब परिवारवालों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिवार वालों ने पांच अप्रैल को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।