वकीलों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन - संवाद
बरेली। फैमिली कोर्ट को न्यायालय परिसर से हटा कर दूसरी जगह शिफ्ट करने की खबर से नाराज वकीलों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में नारेबाजी की। अदालतों में कामकाज भी नहीं किया। वकीलों ने आंदोलन की रूपरेखा तैैयार करने के लिए शनिवार को बार भवन में बैठक बुलाई है। हड़ताल पर रहने का भी एलान किया है।
फैमिली कोर्ट को न्यायालय परिसर से हटाकर दूसरी जगह ले जाने की खबर से शुक्रवार को वकीलों में रोष उत्पन्न हो गया। वकीलों को जब यह पता चला कि पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जिलाधिकारी के साथ वीर भट्टी सुभाषनगर में कोर्ट स्थापित करने के लिए जगह देखकर आएं हैं तो वे भड़क गए और अदालतों में कामकाज कर कलक्ट्रेट में इकट्ठे हो गए। वकीलों ने कलक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि ज्यादातर पारिवारिक और आपराधिक मुकदमे एक-दूसरे से जुडे़ होते हैं। इनमें से कुछ मुकदमे पारिवारिक न्यायालय तो कुछ क्रिमनल कोर्ट में दर्ज होते हैं। पारिवारिक न्यायालय के दूर चले जाने से वकीलों के लिए काम करना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
वकीलों के हड़ताल पर रहने से शुक्रवार को दिन भर अदालतें सूनी रहीं। कलक्ट्रेट गेट के सामने प्रदर्शन के दौरान बार अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने वकीलों को संबोधित करते हुए कहा कि पारिवारिक मुकदमों में एक साथ कई वाद दायर किए जाते है। गुजारा भत्ते के मामले पारिवारिक अदालतों में दायर किए जाते हैं तो दहेज उत्पीड़न के मामले फौजदारी अदालतों में। पारिवारिक न्यायालय को यहां से किसी और जगह ले जाना कतई व्यवहारिक नहीं है। इसका हर हाल में विरोध किया जाएगा। शनिवार को दोपहर एक बजे इसके विरोध में वकील जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद डेढ़ बजे बार भवन में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
बार सचिव वीपी ध्यानी ने भी इस बाबत जनपद न्यायाधीश को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि पारिवारिक न्यायालय के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने से पहल बार एसोसिएशन के संज्ञान में लाकर इस बारे में सुझाव लेना जरूरी था। फैमिली कोर्ट को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रस्ताव से जनपद के वकीलों में व्यापक स्तर पर रोष है। ऐसा होने से कचहरी में विधि व्यवसाय करने वालों के लिए गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी। उन्होंने इसके विरोध में शनिवार को भी वकीलों के हड़ताल पर रहने की बात कही।