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शहला प्रकरण: पालिका कर्मियों पर दर्ज रिपोर्ट में मांगी विधिक राय

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एडीएम प्रशासन ने स्थानीय निकाय निदेशालय से भी मांगा निर्देश
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नवाबगंज/बरेली। करोड़ों रुपये गबन के मामले में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के साथ फंसे करीब 15 कर्मियों पर कार्रवाई को लेकर पेच फंस गया है। ईओ की रिपोर्ट के बाद एडीएम प्रशासन ने स्थानीय निकाय निदेशालय को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगे हैं। साथ ही डीजीसी से इस मामले में विधिक राय मांगी गई है।

20 मार्च को दरोगा सत्यपाल गौंड ने लखनऊ सेक्टर के ईओडब्लू थाने में नवाबगंज नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष शहला ताहिर, पालिका में तैनात रहे ईओ हीरालाल प्रजापति, हरिलाल, नरेंद्र जौहरी, राजेश कुमार सक्सेना के साथ ही डीएम सीतापुर कार्यालय से संबद्ध किए गए विजय कुमार, नगर पालिका में तैनात बड़े बाबू सुरेशपाल, सुरेश पाल के ठेकाकर्मी पुत्र शिव कुमार, लिपिक रघुवर सिंह यादव व कैलाश चंद्र यादव, सफाई प्रभारी अमर सिंह, सेवानिवृत कर्मी रवींद्र कुमार शुक्ला के साथ ही ठेकेदार अफजाल, आरिफ, सलीम हैदर, वकील खां के खिलाफ 10 करोड़ 41 लाख 24 हजार 216 रुपये के गबन और धोखाधड़ी में 20 मार्च 2024 को रिपोर्ट कराई थी।
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रिपोर्ट के बाद ही पालिका कर्मियों में खलबली मच गई और वह अपने अधिवक्ताओं से संपर्क करने में लग गए। आरोपी कर्मी पालिका में अपनी कुर्सियों पर जमे हैं। प्रशासन ने न तो उनकी गिरफ्तारी की है और न उनसे कार्यभार लिया है। एक सप्ताह पहले पालिका अध्यक्ष प्रेमलता राठौर के आदेश पर ईओ प्रियंका मिश्रा ने एक पत्र एडीएम प्रशासन को भेजकर इस मामले में दिशा निर्देश मांगे थे। एडीएम प्रशासन दिनेश ने बताया कि स्थानीय निकाय निदेशालय को पत्र भेजकर इन कर्मचारियों के मामले में निर्देश मांगे हैं। साथ ही डीजीसी से भी विधिक राय मांगी है। तब तक महत्वपूर्ण मामलों में किसी पत्रावली पर इनके हस्ताक्षर न कराने को लेकर एसडीएम व ईओ को निर्देशित किया गया है। संवाद
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