कैबिनेट मंत्री और अफसरों की सुरक्षा में लगी गारद के 26 सिपाही सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह की चेकिंग के दौरान अनुपस्थित पाए गए थे। सिपाहियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है, साथ ही एक सप्ताह तक एक घंटे मैदान पर दौड़ लगाने की सजा मिली है।
मंत्री सुरेश खन्ना, जितिन प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णाराज समेत अधिकारियों के आवास व प्रमुख जगहों पर पुलिस की गारद लगाई जाती है। गारद में तीन से पांच सिपाही नियुक्त किए जाते हैं। 17 जुलाई को सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह ने गारद चेक की तो सुरक्षा में भारी चूक सामने आई थी। उन्हें गारद में तैनात 26 सिपाही अनुपस्थित मिले थे। फोन से संपर्क साधने पर अधिकतर सिपाही अपने घरों में सोते हुए मिले थे। कई ड्यूटी छोड़कर मुख्यालय से बाहर मिले।
पूर्व केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में लगा सिपाही व एक अन्य गारद के कांस्टेबल ड्यूटी छोड़ फिल्म देखने चले गए थे। सीओ ने लापरवाह गारद को बदलते हुए नए सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी थी। उसके बाद सीओ लाइन अखंड प्रताप के सामने अनुपस्थित सिपाहियों की पेशी हुई। इसके बाद सिपाहियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ ही दंड भी दिया गया। उन्हें एक सप्ताह तक हर सुबह रायफल लेकर एक घंटे तक दौड़ने का आदेश दिया गया था। उनकी सजा की निगरानी आरआई को दी गई।
गारद की ड्यूटी से अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई की गई। उन पर विभागीय कार्रवाई की गई, साथ ही दंड भी दिया गया, जिससे दोबारा ड्यूटी में चूक न करें।
- अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी।