बरेली। सिथरा गांव के रहने वाले अनिल वाल्मीकि ने हाफिजगंज थाने में तैनात दरोगा और सिपाहियों पर पीटने का आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की है। पीड़ित ने बताया कि वह ऋषिकेश के एक मंदिर में सेवादार है।
करीब दो महीने पहले उसकी भतीजी को गांव का रहने वाला तेजपाल फुसलाकर अपने साथ ले गया था। तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर भतीजी को खोज लिया। आरोप है कि परिवार वालों को इसकी जानकारी नहीं दी। जब परिवार के लोग भतीजी के पास पहुंचे तो उन्हें मिलने भी नहीं दिया। इसके बाद उसे आरोपी के ही साथ ही भेज दिया।
कुछ दिन बाद जब वह गांव आया तो आरोपी पक्ष के लोग दूसरी भतीजी को उठा ले जाने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत करने जब वह थाने गया तो आरोपियों पर कार्रवाई करने की जगह उसे ही हवालात में बंद कर दिया गया। पिटाई करने के साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया गया। इसके बाद उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया।
पीड़ित ने एसएसपी से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। मामले में इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा ने बताया कि लड़की बालिग थी। न्यायालय में उसने प्रेमी के साथ जाने की बात कही। इस पर उसे प्रेमी के साथ भेज दिया गया। शिकायतकर्ता लड़की के ससुरालीजनों से मारपीट कर रहे थे। सूचना पर एक आरोपी को थाने लाकर शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। पिटाई का आरोप गलत है।