बरेली। बतौर प्रभारी मंत्री ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का बरेली में पहला दौरा था। बिजली संकट से दिन-रात जूझ रहे जिले में बेपरवाही के आरोपों का निशाना रहने वाले पावर कॉरपोरेशन के अफसरों ने काफी तैयारी की थी कि मंत्री की मौजूदगी के दौरान कुछ ऐसा न हो कि उन्हें जवाब देना पड़े लेकिन इसके बावजूद सीबीगंज में ट्रांसमिशन की लाइन में फाल्ट पूरे जिले में ब्लैकआउट हो गया।
ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी का खौफ कुछ ऐसा था कि रात सवा तीन बजे फाल्ट होते ही पावर कॉरपोरेशन के अफसर बिस्तर छोड़कर दौड़ पड़े। ज्यादा चिंता इस बात की थी कि सर्किट हाउस में ठहरे मंत्री के कक्ष के एसी न बंद हो जाएं लिहाजा जोड़तोड़ करके 12 मिनट के अंदर इस इलाके में बिजली की सप्लाई चालू करा दी गई। इसके बाद बाकी जिले की फिक्र की गई लेकिन इसमें करीब 52 मिनट का समय लगा।
दरअसल, इस बार गर्मी की शुरुआत से ही पूरा जिला भीषण बिजली संकट से जूझ रहा है। पावर कॉरपोरेशन के अफसर कोशिशें करने के बावजूद इस संकट का कोई निदान नहीं कर पा रहे हैं। बिजली संकट से पीड़ित लोग जनप्रतिनिधियों का रुख कर रहे हैं और जनप्रतिनिधि इसका ठीकरा अफसरों के सिर फोड़ रहे हैं, लिहाजा वे पहले से काफी दबाव में थे। इसी बीच मंत्री का दौरा तय होने से और ज्यादा दबाव में आ गए।
ऊर्जा मंत्री का कार्यक्रम जारी होने के बाद दो दिन से पावर कॉरपोरेशन के अफसर तैयारी कर रहे थे कि उनकी मौजूदगी के दौरान कोई ऐसी घटना न हो कि उन्हें मंत्री को आमने-सामने जवाब देना पड़े, लेकिन इसके बावजूद रात सवा तीन बजे जब मंत्री सर्किट हाउस में सोए हुए थे, सीबीगंज में ट्रांसमिशन की लाइन में तेज धमाके के साथ बड़ा फाल्ट हुआ और पूरे जिले की बिजली गुल हो गई। इसकी सूचना मिलते ही अफसरों के हाथ-पैर फूल गए। कुछ मिनटों के अंदर वे गाड़ियां लेकर दौड़ पड़े। इंजीनियरों ने 12 मिनट बाद ही सर्किट हाउस एरिया की सप्लाई चालू करा दी लेकिन बाकी जिले की सप्लाई चालू कराने में 52 मिनट लग गए।
ट्रांसमिशन की लाइन में क्या फाल्ट हुआ, यह ट्रांसमिशन के ही अधिकारी बता सकते हैं। हां, रात में ब्लैक आउट हुआ था मगर शहर में 12 मिनट बाद सप्लाई चालू हो गई थी। - विकास सिंघल, एसई सिटी
ट्रांसफार्मर के अचानक ट्रिप कर जाने से बिजली की आपूर्ति बाधित हुई थी लेकिन खराबी को तुरंत दूर करके सप्लाई शुरू करा दी गई। - एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन