बरेली। प्रेम को पाने के लिए दो मुस्लिम युवतियों ने धर्म का बंधन तोड़ दिया। शहर के अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार के समक्ष हिंदू धर्म अपनाकर दोनों ने अपने-अपने प्रेमियों के साथ सात फेरे लिए। दोनों युवतियों ने परिजनों से खतरा भी जताया है।
नवाबगंज के गांव रिछोला किफायतुल्ला निवासी साइमा ने शहर के अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार की मौजूदगी में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की। साइमा को नया नाम सोनी मिला और उसका विवाह नई बस्ती हाफिजगंज निवासी आकाश से करा दिया गया। सोनी ने बताया कि वह और आकाश डेढ़ साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। उनकी दोस्ती और इस शादी से उसके परिजन काफी नाराज हैं। सोनी ने शादी के बाद एसएसपी कार्यालय में पत्र देकर मायके वालों से अपनी, पति व ससुराल वालों की जान को खतरा बताया और सुरक्षा की मांग की।
बहेड़ी के गांव रजपुरा निवासी हिना बी ने भी आचार्य केके शंखधार के समक्ष हिंदू धर्म अपनाकर नाम आकांक्षा गंगवार रख लिया। गांव निवासी प्रेमी आकाश गंगवार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। हिना और आकाश ने आचार्य को बताया कि वह सात साल से एक-दूसरे को चाहते हैं। आकाश कपड़े का व्यापार करता है। हिना ने बताया कि सहमति से शादी होने की संभावना न देखकर उन्होंने ऐसा किया है। हिना ने कहा कि शुरू से ही उसकी आस्था हिंदू धर्म और देवी-देवताओं में है। यहां तीन तलाक व हलाला जैसी कुप्रथा नहीं है। इसलिए वह सहमति से ऐसा कर रही है। उसके परिजन इस शादी से नाराज हैं, उनसे उसे खतरा है।