बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव के बीच चल रहे टकराव से शिक्षक संगठन में रार पड़ गई है। इसके पीछे प्रोन्नति मामले में शिक्षकों को संगठन का सहयोग नहीं मिलना बताया जा रहा है।
विश्वविद्यालय में इन दिनों कुलपति और कुलसचिव के बीच विवाद चल रहा है। इसके पीछे नौ शिक्षकों की प्रोन्नति वेतन निर्धारण की फाइल प्रमुख वजह है। इसको लेकर करीब आठ माह से शिक्षक कुलसचिव कार्यालय में चक्कर काट रहे थे। विगत दिनों उन्होंने कुलसचिव को कार्यालय में ही बंधक तक बना लिया था। बाद में कुलपति ने कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरत कर दिया था। उप कुलसचिव सुनीता यादव को कार्यवाहक कुलसचिव बनाया गया। उन्होंने शिक्षकों की लंबित फाइल को तत्काल निस्तारित कर दिया। इस समस्या को लेकर संगठन अध्यक्ष का खुलकर समर्थन नहीं मिलने से शिक्षक नाराज चल रहे थे।
इस पर अध्यक्ष प्रो. यशपाल सिंह ने प्रोन्नति की व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किया। इस पोस्ट पर नाराजगी जताते हुए कई सदस्यों ने ग्रुप छोड़ दिया था। सूत्रों के अनुसार कुलपति और कुलसचिव के समर्थन को लेकर भी शिक्षकों में मनमुटाव है जो आए दिन सामने आ रहा है। शिक्षकों का आरोप है कि चुनाव के बाद से संगठन सक्रिय नहीं हुआ। तमाम समस्याएं होने के बाद भी मुद्दे नहीं उठाए गए।
संगठन परिवार की तरह होता है। शिक्षकों के बीच नाराजगी है, उनसे बात की जाएगी। उनके वेतन निर्धारण की फाइल जल्द से जल्द निस्तारित की जानी चाहिए। - प्रो. यशपाल सिंह, अध्यक्ष, रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ