यह नोटबंदी नहीं है, लोग न घबराएं: सीए मोहित टंडन
दि चार्टर्ड अकाउंटेंटस ऑफ इंडिया बरेली शाखा के चेयरमैन सीए मोहित टंडन का कहना है कि दो हजार रुपये के नोट चार माह बाद प्रचलन से बाहर होंगे। इसलिए यह नोटबंदी नहीं है। पूर्व में हुई नोटबंदी में अगले दिन से ही पांच सौ और हजार के नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे। इसमें ऐसा नहीं है। अगर किसी के पास दो हजार के नोट हैं तो वह बैंक में जमा कर दे या उसे बदल भी सकता है। थोड़ी परेशानी जरूर होगी पर देश का कालाधन बाहर निकालने में लोगों का सहयोग जरूरी है।
धैर्य रखें, धीरे-धीरे बदल जाएंगे नोट : सीए अतुल अग्रवाल
सीए अतुल अग्रवाल का कहना है कि दो हजार रुपये नोट का जो मूल्य आज है, वह 30 सितंबर तक रहेगा। इसका सबसे बड़ा प्रभाव जमाखोरों पर पड़ना तय है। इनके अलावा किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। जारी सर्कुलर में कहा गया है कि जमा करने की कोई सीमा निर्धारित नहीं है पर दो हजार के दस नोट ही एक बार में किसी भी बैंक में बदले जा सकेंगे। मगर ध्यान रखें इस दौरान केवाईसी होगी। जो लोग दो हजार नोट बड़ी मात्रा में जमा करेंगे या बदलेंगे, उनपर सरकार नजर रखेगी।