बरेली। अंतरिम बजट में पूर्वोत्तर रेलवे के लिए सरकार ने 5,813.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट का बड़ा हिस्सा इज्जतनगर रेल मंडल में खर्च होगा। 1,057 करोड़ रुपये से 262.76 किमी लंबे पीलीभीत-लखनऊ वाया सीतापुर-लखीमपुर रेल ट्रैक का दोहरीकरण कराया जाएगा। तीसरी लाइन भी बिछाई जाएगी।
पीलीभीत-लखनऊ वाया सीतापुर-लखीमपुर रेल खंड में पहले से चल रहे कार्यों के लिए 10 करोड़ का बजट रखा गया है। बरेली से लखनऊ, गोरखपुर और बिहार के लिए अभी बरेली-शाहजहांपुर-हरदोई-लखनऊ, बरेली-रोजा-सीतापुर-वुढ़बल रेल लाइनें ही हैं। पीलीभीत-मैलानी-लखनऊ रेल लाइन का काम लगभग पूरा हो गया है। पीलीभीत-शाहगढ़ रेल खंड में वन क्षेत्र के कारण काम पूरा होने में देरी हुई थी।
अप्रैल में इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन चालू हो जाएगा। इसके बाद काठगोदाम-पीलीभीत-लखनऊ-गोरखपुर, बरेली-पीलीभीत-लखनऊ-गोरखपुर के बीच एक और रेल लाइन चालू हो जाएगी। इस रेल लाइन के चालू होने से रेल कनेक्टविटी और बेहतर हो जाएगी।
रोजा-सीतापुर छावनी-बुढ़वल लाइन के लिए 19.60 करोड़
बजट में रोजा-सीतापुर छावनी-बुढ़वल रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 19.60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 180 किमी के इस रेल खंड में काफी काम पहले ही पूरे हो चुके हैं। रोजा-सीतापुर छावनी-बुढ़वल-गोंडा और पीलीभीत-लखनऊ वाया सीतापुर-लखीमपुर रेल खंड के दोहरीकरण से रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बुढ़वल-गोंडा के बीच 61 किमी रेल खंड में तीसरी लाइन के लिए भी 225 करोड़ का प्रावधान किया गया है।