बरेली। अवध-असम एक्सप्रेस में धमाके के बाद आरपीएफ ने दावा किया है कि जांच के दौरान कोच में किसी तरह की आतिशबाजी या बारूद नहीं मिला है। आरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज सिंह ने तो धमाके की बात को ही अफवाह बताया है। ट्रेन में तैनात स्क्वॉड और गार्ड ने भी धमाके की बात से इन्कार किया है। वहीं, सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा आतिशबाजी में आग लगने और एक व्यक्ति के इमरजेंसी खिड़की से कूद कर भागने की बात कह रहे हैं। अधिकारी भी बीड़ी या सिगरेट की वजह से धुआं उठने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
आरपीएफ और जीआरपी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। असम-अवध एक्सप्रेस डिब्रूगढ़ से चलने के बाद 870 किमी दूरी तय कर 27 स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए बरेली आई थी। ट्रेन के एस-2 कोच में किस स्टेशन से आतिशबाजी समेत यात्री या कोई संदिग्ध चढ़ा, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट शनमुगा वडिवेल और एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। इधर, ट्रेन के बरेली से रवाना होने के बाद शाहजहांपुर और हरदोई में भी आरपीएफ और जीआरपी ने चेकिंग की। वहां भी ट्रेन में कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला।