झड़प के बाद अभिभावकों से बात करते रुहेलखंड विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ. जेएन मौर्या
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एमएससी माइक्रो बायोलॉजी प्रथम वर्ष की क्लास में छात्राओं के दो गुट भिड़ गए। उनमें जमकर लात-घूंसे और चप्पलें चलीं। विवाद क्लास के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक-दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर हुआ था। चीफ प्रॉक्टर ने छात्राओं के अभिभावकों से वार्ता के बाद मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कहा, जांच में दोषी पाए जाने पर छात्राओं को कम से कम पांच दिन के लिए कक्षा से निष्कासित किया जाएगा।
एमएससी माइक्रो बायोलॉजी प्रथम वर्ष में 33 विद्यार्थी हैं। इनमें 24 छात्राएं हैं। विद्यार्थियों और शिक्षकों का व्हाट्सएप पर ग्रुप बना है, ताकि शिक्षण कार्य से संबंधित संदेशों का आदान-प्रदान हो सके। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप पर दो दिन पहले दो छात्राओं ने एक-दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। दोनों के पक्ष में जब और छात्राएं भी आ गईं। गुटबंदी होने के बाद विवाद और बढ़ गया। कुछ छात्र भी दोनों गुटों में शामिल हो गए।
विवाद बढ़ने पर एक शिक्षक ने ग्रुप में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने से रोकते हुए छात्राओं को क्लास में आकर बात करने को कहा, लेकिन छात्राओं के बीच ग्रुप पर तकरार जारी रही। शुक्रवार दोपहर 12 बजे जब छात्राएं क्लास रूम में आमने-सामने आईं तो उनमें कहासुनी होने लगी। कुछ ही देर में विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। जमकर लात-घूंसे और चप्पलें चलने लगीं। शोर-शराबा सुनकर सुरक्षा अधिकारी सुधांशु शर्मा महिला सुरक्षा कर्मियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और छात्राओं में बीच-बचाव कराया।
इसी बीच विभागाध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर डॉ. जेएन मौर्या भी पहुंच गए। उन्होंने झगड़ा करने वाली छात्राओं से अभिभावकों को बुलाने के लिए कहा। पहले तो छात्राएं इसके लिए तैयार नहीं हुईं, लेकिन जब चीफ प्रॉक्टर ने उन्हें निष्कासित करने की चेतावनी दी तो उन्होंने अभिभावकों से फोन पर बात कराई। अभिभावकों को घटना की जानकारी देने के बाद चीफ प्रॉक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए। कहा, जांच में दोषी पाए जाने पर छात्राओं को कम से कम पांच दिन के लिए कक्षा से निष्कासित किया जाएगा।
व्हाट्सएप ग्रुप में एक-दूसरे के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर छात्राओं के बीच क्लास के अंदर जमकर मारपीट हुई थी। छात्राओं के अभिभावकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर दोषी छात्राओं को कम से कम पांच दिन क्लास से निष्कासित किया जाएगा।
- डॉ. जेएन मौर्या, चीफ प्रॉक्टर रुहेलखंड विश्वविद्यालय