बरेली। रोडवेज में डीजल चोरी के मामले में अब बरेली डिपो के एआरएम, फोरमैन, एकाउंटेंट, डीजल इंचार्ज समेत कई अन्य पर कार्रवाई की तैयारी है। एमडी मासूम अली सरवर ने जीएम टेक्निकल और बरेली रीजन के नोडल अधिकारी अजीत सिंह से मामले की रिपोर्ट मांगी है। जिम्मेदारों की नाक के नीचे से वर्षों से डीजल चोरी होती रही और अधिकारियों ने आपूर्ति और खपत का मिलान तक नहीं किया। ऑडिट में कलई खुली तो लिपिक मोहम्मद अजीम और सुनील सक्सेना को निलंबित करते हुए आरएम ने लेखाकार ओमपाल सिंह से जवाब तलब किया है।
रोडवेज में 30 मई 2023 व 21 नवंबर 2023 को डीजल चोरी व मिलावट के मामले पकड़े गए थे। अधिकारियों ने तब मामले को रफादफा कर दिया था। एआरएम बरेली डिपो ने भी इसके बाद वर्कशॉप के डीजल पंप का निरीक्षण तक नहीं किया। रिकाॅर्ड का मिलान भी नहीं किया गया। ऐसे में डीजल चोरी होती रही। सेवा प्रबंधक धनजी राम ने इस संबंध में शासन को पत्र लिखा। जांच में पता लगा कि वर्षों से डीजल की आपूर्ति व खपत का ऑडिट ही नहीं कराया गया है।
ऑडिट में घपले का खुलासा होने के बाद एआरएम, फोरमैन, एकाउंटेंट, डीजल इंचार्ज भी लपेटे में आ गए हैं। देर-सबेर डीजल इन पर भी कार्रवाई हो सकती है। नोडल अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि डीजल की आपूर्ति और खपत में गड़बड़ी से निगम को नुकसान हुआ है। जांच के बाद रिपोर्ट एमडी को दी जाएगी।
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दोनों एआरएम से स्पष्टीकरण तलब
मामले में आरएम दीपक चौधरी ने बरेली डिपो के एआरएम संजीव कुमार श्रीवास्तव और रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण वाजपेई से स्पष्टीकरण तलब किया है। मामले में मुख्यालय स्तर से भी जांच शुरू हो गई है।