बरेली। नैनीताल व पीलीभीत हाईवे को जोड़ने वाला हाफिजगंज-सेंथल-जादोपुर मार्ग अब चेतराम गंगवार मार्ग कहलाएगा। इसकी जानकारी सीएम कार्यालय ने ट्वीट के जरिए दी है। यह प्रस्ताव सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने सांसद संतोष गंगवार ने रखा था।
नवाबगंज के गांव पचपेड़ा निवासी चेतराम गंगवार वर्ष 1962 में जनसंघ के संस्थापक विधायक रहे। उसके बाद 1972 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। वर्ष 1979 में वह कांग्रेस सरकार में मंत्री बने। उसी दौरान प्रदेश सरकार के नसबंदी कार्यक्रम का सड़क पर उतरकर विरोध किया और उसके बाद उनसे मंत्री पद ले लिया गया। उसके बाद अगला विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा और जीतकर फिर से कांग्रेस में शामिल हुए। चेतराम गंगवार के पौत्र बाल श्रम बोर्ड के सदस्य भुजेंद्र गंगवार ने बताया कि उस समय पूर्व पीएम इंदिरा गांधी उनके गांव पहुंची थी और उन्हें फिर से प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया था। क्षेत्र में उनकी छवि अलग थी, काम अलग थे। लोगों के बीच चर्चित थे। वह समाज के मुद्दों पर मुखर रहते थे। वह तीन बार मंत्री व सात बार लगातार विधायक रहे थे।