सफलता में उम्र बाधक नहीं, लगन जरूरी
ट्रू सेल्फ क्राउन से नवाजी गईं रितु का कहना है कि ढलती उम्र के साथ 99 फीसदी महिलाएं में आगे बढ़ने का जुनून और रोमांच खत्म होने लगता है। हालांकि वे अगर कुछ नया करना चाहती हैं, तो उम्र इसमें कभी बाधा नहीं बनती। परिवार का अगर उन्हें सहयोग मिले तो वे नए मुकाम हासिल कर सकती हैं। इस मामले में वे खुद को भाग्यशाली मानती हैं। पति के साथ उनकी दोनों बेटियों सलोनी और मासूमी ने उन्हें प्रोत्साहित किया। इसकी वजह से वह सफल रहीं। अपनी सफलता का श्रेय बाबा स्वर्गीय ब्रह्मनारायण को देती हैं। कहा, बाबा से ही उन्हें चुनौतियों का सामना करने की सीख मिली थी।