बरेली। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के सेवानिवृत्त माली द्वारिका प्रसाद की हत्या गला दबाकर की गई थी। बुजुर्ग ने जान बचाने के लिए संघर्ष भी किया था। इससे उसकी शर्ट के बटन टूट गए और शरीर पर चोटें भी आईं। पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ होने के बाद पुलिस सुरागरसी में जुट गई है। हत्या में किसी करीबी का हाथ होने का अंदेशा है।
कैंट थाना क्षेत्र के गांव नवीनगर निवासी द्वारिका प्रसाद जून के अंत में एमईएस से माली के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वह एमईएस कार्यालय के पास ही बंगला नंबर 42 के पीछे एक मढ़ी पर रह रहे थे। अभी उनके देयकों का भुगतान भी नहीं हुआ है। परिजनों का कहना है कि उनके अभिलेखों में कुछ गड़बड़ होने के कारण ऐसा हुआ। शाम को परिजन उनको खाना पहुंचाते थे। उनका भतीजा प्रशांत उनके साथ रहता था। शनिवार शाम प्रशांत मढ़ी पर पहुंचा तो द्वारिका प्रसाद वहां नहीं थे।
तलाशने पर उनका शव कुछ दूरी पर गड्ढे में मिला था। कैंट पुलिस ने मृतक के बेटे सत्यपाल कश्यप की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।