रेडक्रास सोसायटी के स्वास्थ्य शिविर के समापन पर सम्मानित करते डीएफओ । स्रोत - आयोजक
पीलीभीत। पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने कहा है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में अब तक मानव की लापरवाही सामने आई है। हम इंसान होने के बाद भी मुसीबत स्वयं बुलाते हैं। उन्होंने ट्रिपल राइडिंग का उदाहरण भी दिया।
पुलिस अधीक्षक शनिवार की दोपहर अमरिया विकासखंड के गांव धनकुनी में रेडक्रास सोसाइटी की ओर से वन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस से आरंभ किए स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविरों के समापन कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि तापमान अपने चरम पर है। इससे निपटने के लिए अपने घर के आसपास तथा अन्य स्थानों पर पौधरोपण अवश्य करें।
इससे पूर्व पीलीभीत टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक मनीष सिंह ने ग्रामीणों को वन्यजीवों से सतर्क रहने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि बाघ बहुत शर्मिला प्राणी होता है। वह स्वयं पहले हमला नहीं करता, हमें उससे सीधे टकराने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुआ बहुत अधिक चालाक वन्यजीव है। उन्होंने ग्रामीणों को अपने घरों के आसपास झाड़ झंकाड़ न रखने, घर के आसपास रोशनी की व्यवस्था करने तथा रात में अकेले न निकलने की बात कही।
रेडक्रास सोसाइटी के अवैतनिक सचिव कौशलेंद्र भदौरिया ने शिविरों की आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि इन शिविरों से अब तक 13 सौ से अधिक रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको निशुल्क दवाएं वितरित की जा चुकीं हैं।
कार्यक्रम का संचालन सोसाइटी की प्रबंध समिति के सदस्य डॉ.अमिताभ अग्निहोत्री ने किया। इस अवसर पर सोसाइटी की ओर से निशुल्क चिकित्सा में लगी टीम के डॉ.प्रभात मिश्र, स्टाफ नर्स फहीम अली, फार्मासिस्ट पवन वर्मा, लैब सहायक विशाल तथा पायलट संजय वर्मा को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।