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जब लोगों की छुट्टी होती है तो बंद रहते हैं रेस्टोरेंट

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo photo
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रेस्टोरेंट व्यवसायी बोले- शनिवार, रविवार को भी खुले बाजार तो बने बात

बरेली। लॉकडाउन की पाबंदियां हट चुकी हैं। सोमवार से जिम, स्टेडियम और सिनेमाघर भी खुल चुके हैं मगर रेस्टोरेंट व्यवसायी अब भी मुश्किल में हैं। उनका कहना है कि शनिवार और रविवार की बंदी रेस्टोरेंट व्यवसाय को उबरने नहीं दे रही है। उनका कहना है कि छुट्टी के दिन रेस्टोरेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि खाली वक्त में ही परिवार बाहर घूमने निकलते हैं और रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं। अगर इन दोनों दिनों में रेस्टोरेंट बंद रहेंगे तो व्यवसाय पटरी पर कैसे आ पाएगा। रेस्टोरेंट संचालकों की मांग है कि शनिवार और रविवार को रेस्टोरेंट बंद रखने की पाबंदी भी हटाई जाए, ताकि उनका पटरी से उतर चुका उनका व्यवसाय फिर से चलने लगे।

‘दो दिन की साप्ताहिक बंदी अब नहीं होनी चाहिए। सभी दिन बाजार खुले तो हो बात बन पाएगी।’ - सचिन सिंह, पीलीभीत बाईपास

‘पिछले सप्ताह से ही रेस्टोरेंट खोलने की छूट मिली है लेकिन शनिवार,रविवार की बंदी की वजह से व्यापार रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।’ - सुनील अग्रवाल, पीलीभीत बाईपास

‘दो दिन की साप्ताहिक बंदी अब नहीं होनी चाहिए। कोरोना के मामले भी अब नहीं रहे हैं। सावधानी के साथ सभी दिन बाजार खुलना चाहिए।’ - सुमित गंगवार, पीलीभीत बाईपास

‘अभी व्यापार को सिर्फ चार दिन सप्ताह में मिल पा रहे हैं। रेस्टोरेंट के लिहाज से शनिवार और रविवार व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है।’ - विशाल गौतम, पीलीभीत बाईपास 

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