बरेली। शहर को छुट्टा पशुओं को पकड़ने के संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। सांड़ के हमले से बुजुर्ग की मौत पर पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ एफआईआर के बाद जागा नगर निगम अभियान तो चला रहा है, लेकिन उसकी रफ्तार धीमी है। संसाधन भी कम हैं। कुल छह कैटल कैचर हैं, जिनमें तीन उधार के हैं। ऐसे में कब तक शहर छुट्टा पशुओं से मुक्त हो सकेगा? इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है।
अभी नगर निगम की टीम औसतन एक दिन में 20 छुट्टा पशु पकड़ पा रही है और पांच दिन में 107 छुट्टा पशुओं को पकड़ा गया है। चूंकि शहर में 80 वार्ड हैं और एक वार्ड में अगर न्यूनतम 10 छुट्टा पशुओं की संख्या को आधार माना जाए तो संख्या 800 पहुंचती है। ऐसे में 697 छुट्टा पशुओं को और पकड़ने में तो एक महीने से अधिक समय लगेगा। पार्षद राजेश अग्रवाल का कहना है कि छुट्टा पशुओं की संख्या और भी ज्यादा है। इस रफ्तार से पशुओं को पकड़ा जाएगा तो फिर कोई घटना हो सकती है। ऐसे में उसका कौन जिम्मेदार होगा? यह भी तय नहीं कि अभियान चलता ही रहेगा। ऐसा न हो कि कुछ दिन बाद टीमें फिर सुस्त हो जाएं। उन्होंने अभियान को वृहद स्तर पर चलाने की मांग की है।
पड़ोसी विकासखंडों ने वापस मांगे वाहन
छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम ने तीन पड़ोसी विकासखंडों ठिरिया, क्यारा और देवरनिया से कैटल कैचर वाहन उधार मंगाए गए हैं। रविवार को पशुपालन मंत्री ने जिले भर में सांड़ पकड़ने का अभियान चलाने के निर्देश दिए तो पड़ोसी ब्लाकों ने अपने कैटल कैचर वापस मांगे हैं। ऐसे में तीन कैटल कैचर ही निगम के पास बचेंगे तो अभियान प्रभावित हो सकता है। हालांकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश का कहना है कि अभी सभी छह कैटल कैचर से छुट्टा पशु पकड़े जा रहे हैं। भविष्य में भी संसाधन कम नहीं पड़ने दिए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पकड़े जाएंगे सांड़
बरेली। ग्रामीण क्षेत्र में सात दिनों तक सांड़ों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश ने इसके लिए खंड विकास अधिकारियों को आदेश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के संजयनगर में सांड़ के हमले से बुजुर्ग की मौत का जिक्र करते हुए प्रत्येक विकासखंड में नंदीशाला स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि सांड़ों को पकड़कर नंदीशाला में संरक्षित करें। सांड़ जहां पर भी रखे जाएं वहां गायों को न रखा जाए। गायों को गोशालाओं में संरक्षित किया जाए। इस संबंध में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने रविवार को नंदीशाला बनाए जाने के आदेश दिए हैं। इसके बाद ही सीडीओ ने सोमवार को सीडीओ खंड विकास अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। ब्यूरो