बरेली। बजट की उपलब्धता व कार्य का लक्ष्य तय होने के बावजूद समय पर विकास कार्य न करा पाने वाले अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) दिलीप कुमार शुक्ला के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने शासन को भी रिपोर्ट भेजी है। साथ ही नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने उनके कार्यक्षेत्र में कटौती करते हुए चार में से दो जोन का काम पर्यावरण अधिकारी राजीव कुमार राठी को सौंप दिया है।
एक्सईएन के स्तर से ढिलाई का खुलासा बीते शुक्रवार को नगर निगम में 15वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा बैठक में हुआ था। सामने आया था कि शहर में 80 करोड़ के विकास कार्यों में सिर्फ 20 फीसदी काम ही एक साल में हुए हैं, जबकि तय लक्ष्य के अनुसार 50 फीसदी काम हो जाने चाहिए थे। समय पर काम पूरे होने को लेकर महापौर उमेश गौतम ने एक्सईएन की फटकार लगाई थी। साथ ही नगर आयुक्त से एक्सईएन का कार्यभार कम करने को कहा था। इसी क्रम में नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने एक्सईएन के अंतर्गत आने वाले दो जोन का अतिरिक्त प्रभार पर्यावरण अधिकारी राजीव कुमार राठी को सौंप दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि पर्यावरण अधिकारी राजीव कुमार राठी अपने पूर्व में आवंटित कार्यों के साथ-साथ सहायक अभियंता पंकज रस्तोगी व सुभाष त्रिपाठी द्वारा कराए जा रहे निर्माण विभाग के कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे। इस आदेश के तहत राजीव कुमार राठी ने सोमवार को निर्माण विभाग की टीम से सभी फाइलों को मंगाकर रुके हुए कामों का जायजा लेना शुरू कर दिया है।
वाराणसी में तैनाती के दौरान भी लगे थे ढिलाई के आरोप
निगम के अधिकारियों ने एक्सईएन दिलीप शुक्ला के खिलाफ शासन को भेजी रिपोर्ट में उनकी वाराणसी में तैनाती के दौरान कार्यों में की गई हीला-हवाली का जिक्र भी किया है। दिलीप शुक्ला वाराणसी से बरेली स्थानांतरित होकर आए थे। उनके खिलाफ निलंबन की हुई कार्रवाई और उस पर न्यायालय से स्थगन आदेश की जानकारी भी शासन को दी गई है। यही नहीं अधिकारियों ने उन पर उच्चाधिकारियों की अवेहलना, निजी हित में ठेकेदारों के भुगतान रोकने, रकम स्वीकृत होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया नहीं कराने व शासन की छवि धूमिल करने का भी जिक्र भी भेजी गई रिपोर्ट में किया है।
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निगम में इन अधिकारियों को दिया गया अतिरिक्त कार्यभार
- अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव को कर विभाग के जोन दो व चार के अवासीय, अनावासीय भवनों, संपत्तियों पर 40 लाख से उच्च वार्षिक संपत्ति कर (एआरवी) के संशोधन व नए कर निर्धारण का अधिकार दिया गया है।
- अपर नगर आयुक्त शिव कुमार सिंह को कर विभाग के जोन एक व तीन के अवासीय, अनावासीय भवनों, संपत्तियों पर 40 लाख से उच्च वार्षिक संपत्ति कर (एआरवी) के संशोधन व नए कर निर्धारण का अधिकार दिया गया है।
- मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र को सभी जोनों के अवासीय, अनावासीय भवनों, संपत्तियों पर 40 लाख से उच्च वार्षिक संपत्ति कर (एआरवी) के संशोधन व नए कर निर्धारण का अधिकार दिया गया है।
वर्जन...
पर्यावरण अधिकारी को निर्माण विभाग का अतिरिक्त भार सौंपा गया है। उन्हें रुके हुए कार्यों को जल्द से जल्द शुरू कराकर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त