बरेली। बरेली कॉलेज में परीक्षा शुल्क हड़पकर 450 विद्यार्थियों को फर्जी रसीद दी गई थी। इसमें कॉलेज स्तरीय जांच पूरी हो चुकी है। कॉलेज स्तरीय जांच समिति की संयोजक प्रो. रीना अग्रवाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट पिछले माह ही पूरी कर ली गई थी। समिति में शामिल शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में होने की वजह से रिपोर्ट पर उनके हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। ऐसे में इसे प्राचार्य को सौंपा नहीं जा सका है।
पुलिस के स्तर से भी मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। विद्यार्थियों से जुड़ा संवेदनशील मामला होने के बाद भी पुलिस और कॉलेज स्तर से ढिलाई बरती जा रही है। इसके पीछे छात्र संगठनों का दबाव भी माना जा रहा है। अब तक प्रकरण में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे छात्र राजनीति में सक्रिय थे। जिस कैफे से फॉर्म अग्रसारित करने का संदेह जताया जा रहा है, वह भी एक माह से बंद चल रहा है। शिकायत के बाद भी नगर निगम इस अनधिकृत दुकान को हटाने की हिम्मत नहीं जुटा सका है।
फंसा सकती है तकनीक जांच
कॉलेज की आईडी-पासवर्ड से कैफे ने परीक्षा फॉर्म अग्रसारित किए हैं। कॉलेज में प्राचार्य समेत आठ लोगों के पास लॉगिन आईडी थी। इसमें से किसने इसे कैफे संचालक के साथ साझा किया? किसकी आईडी से फॉर्म फॉरवर्ड हुए? तकनीकी जांच से इसका खुलासा होगा। जांच में अंदर के ही किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आ सकती है। इसलिए भी छात्र संगठन से लेकर विभाग के कुछ लोग कार्रवाई को गति नहीं देना चाहते हैं।