बरेली। एआरटीओ कार्यालय में सक्रिय दलालों ने जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाकर फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र के जरिये वाहन ट्रांसफर कराने की कोशिश की। एआरटीओ की ओर से जब वाहन स्वामी को नोटिस भेजा गया तो उनको जालसाजी के बारे में पता लगा। कैंट थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सिविल लाइन निवासी आकाश चौधरी की मां सीमा यादव का निधन एक साल पहले हो गया था। आकाश और उनके पिता राजेश कुमार एआरटीओ कार्यालय में वाहन ट्रांसफर कराने गए थे। कार्यालय में उनको यासिर खान मिला। उसने खुद को कार्यालय का स्टेनो बताकर वाहन ट्रांसफर कराने की बात कही और दस हजार रुपये मांगे। उसने पांच हजार रुपये ले भी लिए। आकाश ने बताया कि उन्होंने वाहन ट्रांसफर कराने के लिए यासिर को असली वारिसान प्रमाण पत्र और प्रार्थना पत्र दिया था। यासिर ने वारिसान में कूटरचना कर एआरटीओ के कार्यालय में जमा कर दिया। आकाश के पिता राजेश और मां सीमा यादव का वारिसान प्रमाण पत्र वाहन ट्रांसफर आवेदन के साथ जमा किया गया, जबकि आकाश के पिता जीवित हैं।
एसडीएम की ओर से जारी पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र से मिलान करने पर फर्जीवाड़ पकड़ में आया। आकाश को इसकी जानकारी तब हुई जब एआरटीओ प्रशासन ने उन्हें नोटिस भेजा। आकाश ने एआरटीओ दफ्तर में तैनात कथित स्टेनो यासिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार ने बताया कि कार्यालय में यासिर नाम का कोई स्टेनो या कर्मचारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।