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Bareilly News: 100 दिन में पूरा नहीं हो पाएगा किला पुल की मरम्मत का काम, अभी और झेलना पड़ेगा जाम

Tue, 31 Jan 2023 04:40 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

किला पुल की मरम्मत निर्धारित 100 दिनों में पूरा होने के आसार नहीं हैं। इस पुल से हजारों लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे में निर्धारित समय पर मरम्मत कार्य पूरा न होने पर लोगों को अभी और परेशानी झेलनी होगी। 
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किला पुल फाटक पर लगा जाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और यातायात पुलिस में समन्वय की कमी के चलते किला पुल की मरम्मत निर्धारित 100 दिनों में पूरा होने के आसार नहीं हैं। पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट के 12 खंभे मरम्मत के दौरान हिल रहे हैं। रस्सी के सहारे इन्हें रोका गया है। यदि कोई खंभा नीचे गिर जाता है तो पुल के नीचे से गुजरने वाले हादसे का शिकार हो सकते हैं। ठेकेदार दस दिन से नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग से खंभे हटवाने का आग्रह कर रहा है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केबल भी नहीं हटा है। इसमें प्रवाहित हो रहा करंट भी हादसे का सबब बन सकता है। 

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खंभों और केबल के चलते रेलिंग का काम प्रभावित होने पर कार्यदायी संस्था ने लोक निर्माण विभाग को अवगत कराया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने नगर आयुक्त से इन्हें हटवाने का आग्रह किया है। फिलहाल, वर्तमान स्थिति को देखते हुए जानकारों का कहना है कि 100 दिन में किला पुल की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सकेगा।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। जब तक खंभे नहीं हट रहे हैं, तब तक दूसरे काम हो रहे हैं। हादसे न हों, इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। 

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दीवारों पर उगे पौधे 40 साल में बन गए पेड़, अब करा रहे कटान

किला पुल की दीवारों पर 40 वर्ष पहले जब छोटे-छोटे पौधे उगे तो किसी अभियंता ने ध्यान नहीं दिया। मरम्मत और रखरखाव के नाम पर बिल बनते रहे और भुगतान भी होता रहा, लेकिन ये पौधे नहीं हटवाए गए। ये पौधे अब पेड़ हो गए। उनकी जड़ें पुल की दीवारों में काफी गहराई तक घुस चुकी हैं। 

खतरा बढ़ने पर कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग को चेताया तो इसकी मरम्मत का नंबर आया। अब इन पेड़ों को काटने के साथ ही दीवार से उनकी जड़ों को निकाला जा रहा है। एक-एक पेड़ की जड़ें निकालने में दो से तीन दिन लग रहे हैं। दीवारों के क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा है। मौके पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि अगर पहले ध्यान दिया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती।

निर्धारित समय में हो पुल की मरम्मत

चौपुला निवासी गोविंद पाठक ने कहा कि पुल से हजारों लोगों का आना-जाना होता है। इसलिए काम को निर्धारित समय में पूरा कराया जाए। यदि देरी हुई तो आम जनता की तकलीफ और बढ़ेगी। साहूकारा के अमोल अग्रवाल ने कहा कि अभियंता ध्यान देते तो पुल इतना जर्जर नहीं होता। पहले पुल पर भार बढ़ाया, अब कम कर रहे हैं। कदम-कदम पर जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही दिखती है।  
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