दीवारों पर उगे पौधे 40 साल में बन गए पेड़, अब करा रहे कटान
किला पुल की दीवारों पर 40 वर्ष पहले जब छोटे-छोटे पौधे उगे तो किसी अभियंता ने ध्यान नहीं दिया। मरम्मत और रखरखाव के नाम पर बिल बनते रहे और भुगतान भी होता रहा, लेकिन ये पौधे नहीं हटवाए गए। ये पौधे अब पेड़ हो गए। उनकी जड़ें पुल की दीवारों में काफी गहराई तक घुस चुकी हैं।
खतरा बढ़ने पर कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग को चेताया तो इसकी मरम्मत का नंबर आया। अब इन पेड़ों को काटने के साथ ही दीवार से उनकी जड़ों को निकाला जा रहा है। एक-एक पेड़ की जड़ें निकालने में दो से तीन दिन लग रहे हैं। दीवारों के क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा है। मौके पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि अगर पहले ध्यान दिया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती।
निर्धारित समय में हो पुल की मरम्मत
चौपुला निवासी गोविंद पाठक ने कहा कि पुल से हजारों लोगों का आना-जाना होता है। इसलिए काम को निर्धारित समय में पूरा कराया जाए। यदि देरी हुई तो आम जनता की तकलीफ और बढ़ेगी। साहूकारा के अमोल अग्रवाल ने कहा कि अभियंता ध्यान देते तो पुल इतना जर्जर नहीं होता। पहले पुल पर भार बढ़ाया, अब कम कर रहे हैं। कदम-कदम पर जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही दिखती है।