उधड़ी पड़ीं शहर के मुख्य मार्गों की सड़कें।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
पीडब्ल्यूडी के पास मरम्मत के लिए बजट नहीं, लॉकडाउन में सरकार का भी खजाना खाली
बरेली। यह लगभग साफ हो गया है कि यह बरसात शहरवासियों को उधड़ी पड़ी सड़कों पर गिरते-पड़ते ही गुजरना होगा। दरअसल, लॉकडाउन में खजाना खाली होने के बाद सरकार ने कोई भी नया प्रस्ताव मंजूर करने पर रोक लगा दी है। लिहाजा सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से मार्च में जो प्रस्ताव भेजे गए थे, उन्हें भी मंजूरी नहीं मिल पाई। यह भी बड़ा सवाल है कि पीडब्ल्यूडी की जिन सड़कों पर सीवर लाइन डालने के बाद जल निगम ने बुरी तरह ऊबड़खाबड़ हालत में छोड़ दिया है, वे बरसात से पहले बन पाएंगी या नहीं। हालांकि शहरवासियों को नगर निगम का जरूर शुक्रिया अदा कर देना चाहिए जो इन टूटी-फूटी सड़कों पर स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगवा रहा है क्योंकि कम से कम इतनी उम्मीद तो पैदा हो ही रही है कि यह लाइट अगर बरसात आने तक सलामत रही तो लोगों को गड्ढों में नहीं गिरने देगी। अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट-
जल निगम ने चलने लायक नहीं छोड़ी सेटेलाइट से श्यामगंज तक की सड़क
सीवर लाइन बिछाने के लिए पीडब्ल्यूडी की सड़कों को सबसे ज्यादा जल निगम ने बर्बाद किया है। सेटेलाइट चौराहे से ईसाईयों की पुलिया होते हुए श्यामगंज तक सड़क पर कई मीटर गहरी खुदाई की गई और फिर सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी से पाटकर ऊबड़खाबड़ हालत में ही छोड़ दिया है। चार महीने बाद भी सड़क का दोबारा निर्माण न कराने जाने से एक तो इन सड़कों पर चलना मुश्किल है, दूसरा उन पर उड़ती धूल ने लोगों का सांस लेना भी दूभर कर दिया है। इस सड़क पर सीवर लाइन डालने के लिए पीडब्ल्यूडी ने सशर्त एनओसी दी थी लेकिन अब ये शर्तें न जल निगम को याद आ रही हैं न पीडब्ल्यूडी के अफसरों को। प्रशासन के अफसरों की भी नजर इस सड़क की दुर्दशा पर नहीं जा रही है।
अब श्यामगंज चौकी के पास अटका काम
हाल ही में दोबारा काम शुरू कर जल निगम ने श्यामगंज चौराहे से पुलिस चौकी के आगे तक पीडब्ल्यूडी की सड़क को कई मीटर गहरा खोदकर छोड़ दिया है। खुदाई की वजह से शहर की सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाली यह सड़क बंद हो गई है और लोगों को काफी घूमकर आना-जाना पड़ रहा है लेकिन फिर भी काम इतनी धीमी रफ्तार से चल रहा है कि जल्द इस सड़क पर दोबारा ट्रैफिक शुरू हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। जब भी तेज हवा चलती है तो धूल उड़ने से आसपास के लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। श्यामगंज से शाहदाना की ओर भी पुल के नीचे कई जगहों पर रोड पर खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं।
चौपुला चौराहे के आसपास सड़क ही गायब
चौपुला चौराहे पर निर्माणाधीन पुल के पास किला की ओर पूरी सर्विस रोड कई महीने से उधड़ी पड़ी है। पुल के निर्माणस्थल से करीब दो मीटर तक डामर का नामोनिशान तक मिट चुका है। पुलिस लाइंस की तरफ भी नगर निगम की सड़क बुरी तरह ऊबड़खाबड़ हो गई है। सीवर लाइन बिछने के बाद टूटी सड़क पर हॉटमिक्स रोड न बनाए जाने से दिनभर धूल उड़ती रहती है।
बियावानी कोठी और सेटेलाइट चौराहे पर भी बुरा हाल
खुर्रम गौंटिया से बियावानी कोठी की ओर जाने वाली सड़क भी कई जगह पर टूट गई है। बियावानी कोठी के पास भी काफी समय पहले खोदा गया गड्ढा अब तक नहीं भरा गया है। ईसाईयों की पुलिया से सेटेलाइट की ओर भी जाने वाली सड़क भी कई जगहों पर टूटी हुई है। सेेटेलाइट चौराहे के पास सर्विस रोड की मरम्मत के नाम पर खानापूरी कर दी गई है। इस वजह से यह सड़क फिर टूटने लगी है। उधर बीसलपुर चौराहे से जगतपुर की ओर जाने वाली सड़क भी काफी समय से उधड़ी पड़ी है।
डेेलापीर चौराहे के बीच उधड़ी पड़ी है सड़क, गिर रहे हैं बाइक-स्कूटी वाले
कुछ समय पहले डेलापीर चौराहे पर खुदाई की गई थी लेकिन इसके बाद नगर निगम को यहां सड़क की मरम्मत कराने की जरूरत महसूस नहीं हुई। चौराहे के बीचोबीच सड़क इतनी बुरी तरह उधड़ी पड़ी है कि उसकी बजरी दूर-दूर तक फैल गई है जिस पर कई बार बाइक-स्कूटी वाले गिर चुके हैं। इज्जतनगर रोड पर एमबी इंटर कॉलेज के पास भी सड़क की मरम्मत पीडब्ल्यूडी ने नहीं कराई है।
मुश्किल: शहर भर की सड़कें खराब फिर भी मिले सिर्फ 84 लाख
पीडब्ल्यूडी अफसरों का कहना है कि शहर में सड़कों की मरम्मत के लिए कई करोड़ की जरूरत है लेकिन इस वित्तीय वर्ष में किला पुल की सर्विस रोड के लिए 41 लाख और किला-चौपुला रोड पर सिटी मालगोदाम के सामने सड़क मरम्मत के लिए 43 लाख रुपये के दो काम ही मंजूर हुए हैं। किला पुल के लिए 95 लाख और हार्टमन पुल की सड़क के लिए 53 लाख के प्रस्ताव समेत मरम्मत के कई और कामों के लिए बजट मंजूर नहीं हो सका।
और इधर टूटी सड़कों को स्मार्ट लाइटों की रोशनी में नहलाने की तैयारी
यह नजारा कुछ अजीबोगरीब जरूर होगा लेकिन स्मार्ट सिटी की टूटी सड़कों पर फैंसी लाइटों की रोशनी में नहाई जरूर दिखाई देंगी। नगर निगम ने हाल ही में कई सड़कों पर फैंसी किस्म की स्मार्ट लाइट लगवाने का काम शुरू किया है। डेलापीर और विकास भवन रोड पर ये स्मार्ट लाइटें लग चुकी हैं। जल्द ही कई और सड़कों पर भी ऐसी ही लाइटें लगाई जानी हैं।
शहर में दो ही काम मंजूर हुए हैं। बाकी कामों का बजट जल्द पास होने की उम्मीद है। सेटेलाइट से श्यामगंज रोड की जल्द मरम्मत कराने के लिए जल निगम के अफसरों को पत्र लिखा जाएगा। -पीके बांगड़ी, एक्सईएन पीडब्लयूडी निर्माण खंड भवन