बताया जा रहा था कि जो खासियत उनके धर्म में है, वह सनातन धर्म में नहीं है। इसके बाद प्रलोभन में आकर कुछ लोगों ने धर्मांतरण करने का मन भी बना लिया था। पुलिस ने मौके पर मिले कथित पादरी ईश्वरी प्रसाद को हिरासत में ले लिया और अपने साथ कोतवाली ले गई। वहां उससे पूछताछ शुरू कर दी।
आरएसएस के नगर प्रचारक अनुज गुप्ता ने घटनाक्रम की जानकारी जिले के अधिकारियों को दी। उधर पुलिस ने आरोपी ईश्वरी प्रसाद निवासी घाटगांव के खिलाफ विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
20 साल से लोगों को फुसलाकर बना रहा ईसाई
आरोपी पास्टर ने बताया कि वह 2004 में ईसाई धर्म ग्रहण कर चुका है। तब से वह सामाजिक संस्था ऑपरेशन अगाफे से जुड़ा है। वह गांव-गांव जाकर ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करता है। इसके बदले उसे प्रतिमाह दस हजार रुपये मिलते हैं। इस बीच गांव वाले उसके धर्म परिवर्तन करने का विरोध करते रहे। उसने घाटगांव छोड़ दिया और उत्तराखंड के भीमताल चला गया।
दिसंबर 2023 में उसने अपना मकान सिंह गौटिया मोहल्ले में बना लिया। घर में उसने एक सभागार बनाया। इसमें लोगों को बैठाकर वह प्रार्थना सभा व धर्म प्रचार का काम करता है। इसी प्रचार के बहाने वह ईसाई धर्म की तारीफ कर लोगों से उसे अपनाने के लिए कहता है। इसके लिए लोगों को तरह-तरह के लालच भी दिए जाते हैं।
एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि नहीं करने दी जाएगी। इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।