बरेली। तपेश्वरनाथ मंदिर में हुई श्रीमद्भागवत में कथा व्यास पंडित अतुलेश्वर सनाढ्य ने महारास लीला, उद्धव चरित्र और रुकमणि विवाह का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान को केवल भक्ति से ही प्राप्त किया जा सकता है। भक्ति के अलग-अलग रूप हैं। भक्ति संगीत में प्रवेश करती है, तो वह कीर्तन और भोजन में प्रवेश करती है तो प्रसाद बनता है। उन्होंने गोपी गीत रस, गोपी वैराग्य, कंस की दासी का उद्धार, कंस वध, वासुदेव-देवकी को मुक्त करने आदि प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में विधायक राजेश मिश्रा भरतौल, महानगर भाजपा अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, श्री महादेव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. धमेंद्र मोहन, नितिन पांडे आदि उपस्थित थे। संवाद