बरेली। साध्वी संतोषी माता ने कहा कि अवतार काल में भगवान स्वयं प्रकट होकर राक्षस प्रवृत्ति के लोगों का संहार करके भक्तों का उद्धार करते हैं। स्वर्गीय राजकुमार भसीन की पुण्य स्मृति में हरि मंदिर में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा में उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसा कोई अवतार नहीं है, लेकिन कलियुग में भगवान का नाम ही अवतार है और यही तारणहार है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से लोगों का उद्धार होता है। भगवान अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने त्रेता युग में श्रीराम, द्वापर में श्रीकृष्ण का अवतार लेकर दुष्टों का संहार किया था, लेकिन यह सीमित था। अवतार लेकर कुछ ही लोगों का उद्धार होता हैं लेकिन उनका नाम लेने से असंख्य लोगों का भला होता है। यजमान सचिन भसीन ने बताया कि शनिवार को नृसिंह अवतार, श्रीकृष्ण जन्म का वर्णन किया जाएगा।