बरेली। चित्रकूट धाम की मिथलेश्वरी दीक्षित ने कहा कि बिना भगवान की भक्ति के सुख की कल्पना करना व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा सुनना भी भक्ति है। वह गुरुवार से शुरू हुए आनंद आश्रम ट्रस्ट के चार दिवसीय 60वें वार्षिकोत्सव में श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन कर रही थीं। पानीपत के स्वामी दिव्यानंद ने कहा कि मानव शरीर प्रभु की कृपा से ही मिलता है। उनकी कृपा से ही सत्संग में रुचि होती है। हरिद्वार के स्वामी भागवत भास्कर ने कहा कि भगवान आनंद स्वरूप हैं, तो संसार दुख का स्वरूप है। संसार से प्रेम, संबंध और इच्छा लोगों को पराधीन बनाती है। रायबरेली के स्वामी ज्योतिर्मयानंद ने कहा कि मनुष्य शरीर की महिमा धर्मग्रंथों में है, इसका उद्देश्य जीवात्मा का साधना के जरिए पुनर्जन्म से मुक्त होना है। बांदा के यज्ञेश मिश्र ने कहा कि जीवात्मा का प्रेम भगवान श्रीराम के चरणों में हो, तो मनुष्य संसार में बसता तो है, लेकिन फंसता नहीं है। कार्यक्रम में मंत्री सुभाष अग्रवाल, रजनीश अग्रवाल, नरसिंह मोदी, प्रेमशंकर अग्रवाल, शशिकांत मोदी, गिरीश अग्रवाल, अनिल अग्रवाल आदि उपस्थित थे। संचालन सर्वेश अग्रवाल ने किया।