बरेली। पुष्पांजलि दीदी ने कहा कि नवरात्र के चौथे दिन देवी को कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। अपनी मंद, हल्की हंसी से ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण देवी को कुष्मांडा के नाम से जाना जाता है। आनंद आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत में उन्होंने कहा कि देवी की आठ भुजाएं जिसमें कमंडल, धनुष, बाण, कमल, पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र और गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देन वली जप माला है। । देवी की पूजा करने से भक्तों के रोग और शोकों को नाश होता है और आयु, यश, बल और आरोग्य प्राप्त होता है। विधि विधान से पूजा करने पर देवी का कम समय में ही कृपा का अहसास होने लगता है। इसके बाद उन्होेंने भजन सुनाए। बुधवार को मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार थे। श्रीमद्भागवत में श्वेता अग्रवाल, सुषमा वर्मा, दिव्या खंडेलवाल, डॉ. करुणा गुप्ता, शोभा अग्रवाल, सुषमा वर्मा आदि उपस्थित थी। कथा के बाद उन्होंने बांके बिहारी, अलखनाथ, नौदेवी आदि मंदिरों ेके दर्शन किए।