बरेली। माधोबाड़ी स्थित श्री रामायण मंदिर में चल रहे तुलसी जयंती महोत्सव के क्रम में सोमवार को श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथाव्यास रविनंदन शास्त्री ने प्रभु चरण में अर्पित प्रत्येक सामग्री को प्रसाद बताया। कहा, भोग लगाने से बना प्रसाद जीवात्मा के कष्टों को समाप्त करता है। कमाए धन को और भोजन को प्रभु चरण में अर्पित करने का सुझाव दिया। इसके बाद उन्होंने ‘मांगा है मैंने श्याम से वरदान एक ही तेरी कृपा बनी रहे जब तक है जिंदगी’ भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। आयोजन में जगदीश भाटिया का सहयोग रहा।