बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को शिक्षकों और कुलसचिव के बीच तीखी झड़प हुई। वेतन से जुड़ी फाइलें आगे नहीं बढ़ाने का आरोप लगाते हुए शिक्षकों ने चार घंटे तक कुलसचिव का कार्यालय में ही घेराव किया। उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। इसको लेकर शिक्षक और कुलसचिव ने एक-दूसरे पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस भी परिसर में पहुंची। उनकी कार के पहियों की हवा निकाल दी। प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन भी किया। कुलपति के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ।
अपराह्न दो बजे विश्वविद्यालय परिसर के कई शिक्षक कुलसचिव कार्यालय पहुंचे थे। वहां वेतन निर्धारण की फाइल बढ़ाने को लेकर शिक्षकों की काफी देर तक कुलसचिव से बहस हुई। हंगामा देखकर सुरक्षाकर्मी भी कमरे के बाहर तैनात कर दिए गए। शाम पांच बजे तक सुनवाई न होने पर आक्रोशित शिक्षकों ने बाहर जा रहे कुलसचिव के सामने ही उनकी कार के पहियों की हवा निकाल दी। कुलपति के हस्तक्षेप और तीन दिनों में समाधान का आश्वासन देने पर शिक्षक शांत हुए।
शिक्षकों का आरोप है कि पद के अनुसार वेतन निर्धारण संबंधी फाइल कुलपति कार्यालय से पास हो चुकी है। उसके बाद भी कुलसचिव ने रोकी हुई है। कुलसचिव विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अनियमितता बरत रहे हैं। प्राथमिकता वाले मुद्दों की अनदेखी कर विश्वविद्यालय का आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान किया जा रहा है। नगर निगम का बकाया भुगतान न करने से विवि पर सात करोड़ रुपये का अधिभार पड़ रहा है।
कुलपति से मांग की कि व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए कुलसचिव के वेतन और चल-अचल संपत्ति से अधिभार की कटौती की जाए। कुलसचिव को सरकारी वाहन, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी, माली जैसी सुविधाएं दी गई हैं। ये सुविधाएं इन अधिकारियों को देने का कोई प्रावधान नहीं है। इन अनधिकृत सुविधाओं को समाप्त किया जाए। इस दौरान प्रो. एके सिंह, प्रो. मदन लाल, प्रो. राकेश मौर्य, प्रो. उपेंद्र बालियान, डॉ. कौशल किशोर, डॉ. दीपक गंगवार उपस्थित रहे।
मिनिस्टि्रयल स्टाफ एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने भी कुलसचिव को ज्ञापन देकर मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। अध्यक्ष राजबहादुर और महासचिव रामप्रीत ने बताया कि उन्होंने 18 कर्मचारियों की प्रोन्नति के मामले को उठाया था। उन्हें तीन दिनों में समाधान का आश्वासन दिया गया है।
शिक्षक कार्यालय में बात करने आए थे। उनकी समस्याओं को सुना गया। मैं शासन के निर्देशानुसार नियम से काम कर रहा हूं। - अजय कृष्ण यादव, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय