बरेली। सुभाषनगर स्थित एक धर्मशाला में चाय विक्रेता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। शरीर पर चोटों के साथ ही नाखून से खरोचने के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम में भी गला दबाने की पुष्टि हुई है। मृतक के बेटे ने किसी से रंजिश होने से इन्कार किया है। सुभाषनगर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
सुभाषनगर के करगैना में बालाजी मंदिर के पास रहने वाले राजेश ने बताया कि वह मूलरूप से शाहजहांपुर के थाना जैतीपुर अंतर्गत गांव गोरा बकैनिया के रहने वाले हैं। उनके पिता 55 वर्षीय राजेंद्र मौर्य बालाजी मंदिर के पास चाय की दुकान लगाते थे। रात को खाना खाने के बाद मंदिर के सामने धर्मशाला में सो जाते थे। शुक्रवार को भी वह खाना खाकर रात 10:30 बजे धर्मशाला में सोने चले गए। सुबह जब काफी देर तक घर नहीं आए तो बेटी को स्कूल छोड़कर आठ बजे राजेश उन्हें धर्मशाला में देखने पहुंचे।
काफी देर खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो राजेश दीवार फांदकर अंदर पहुंचे। वहां चारपाई पर राजेंद्र का शव पड़ा था। उनके शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे। सूचना पर सुभाषनगर इंसपेक्टर सतीश यादव फोर्स के साथ पहुंचे। फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई, लेकिन मौके से कोई ठोस सबूत पुलिस को नहीं मिला। इंस्पेक्टर सुभाषनगर सतीश यादव ने बताया कि राजेश की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गले पर मिले रस्सी के निशान
पुलिस को घटनास्थल पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। राजेंद्र के गले पर रस्सी के निशान मिले। चेहरे और छाती पर नाखून से खरोचने के भी निशान हैं। उनके हाथ और पैर की दो-तीन उंगलियां भी जली हैं। पुलिस को रस्सी से गला घोटकर हत्या किए जाने का संदेह है। पुलिस को शक है कि हत्यारा राजेंद्र का कोई बेहद करीबी है। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि घटना स्थल पर किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। इससे यह शक है कि हत्यारा राजेंद्र के साथ ही धर्मशाला में गया था या फिर पहले से वहां मौजूद था। पुलिस हर बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।