बरेली। पीलीभीत बाइपास पर 22 जून को हुई फायरिंग के मुख्य आरोपी राजीव राना के भाई संजय ने बुधवार सुबह एसएसपी दफ्तर में आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिसकर्मियों को परिचय देकर गिरफ्तार करने की पेशकश की तो वह हैरत में पड़ गए। संजय ने 25 लाख में केपी से प्लॉट खाली कराने का सौदा करने की बात कबूल की।
संजय सुबह 10:30 बजे एसएसपी दफ्तर पहुंचा। वह खुद ही अपना वीडियो बना रहा था। उसने जनसुनवाई पटल के स्टाफ को बताया कि वह राजीव राना का भाई संजय राना है। फायरिंग मामले में उसे नामजद किया गया है। वह खुद ही आत्मसमर्पण करने आया है। शुरू में पुलिसकर्मी मामला नहीं समझ पाए, पर बाद में उसे निगरानी में ले लिया। सीओ तृतीय अनीता चौहान ने मौके पर पहुंचकर संजय को हिरासत में ले लिया।
इज्जतनगर थाने में पूछताछ के दौरान संजय ने पुलिस को बताया कि बड़े भाई राजीव राना ने छह महीने पहले ही केपी यादव से प्लॉट खाली कराने को लेकर बात की थी। केपी ज्यादा रकम मांग रहा था, पर भाई ने 25 लाख रुपये में सौदा तय कर दिया। बताया कि छह महीने पहले ही बयाने के तौर पर केपी को तीन लाख रुपये दे दिए थे। घटना से तीन दिन पहले ढाई लाख और एक दिन पहले रात को होटल में पार्टी दौरान फिर ढाई लाख रुपये केपी को दिए गए। बाकी रकम प्लॉट पर कब्जे के बाद दी जानी थी पर फायरिंग की वजह से उनका पूरा प्लान चौपट हो गया। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि बृहस्पतिवार को संजय को जेल भेजा जाएगा।